भारत सरकार के सुगम्य भारत अभियान के क्रियान्वयन के लिए सहयोगी के तौर पर शामिल हुई दिल्ली की स्वयंसेवी संस्था सामर्थयम की कार्यकारी संचालक और सलाहकार अंजली अग्रवाल ने प्रशिक्षण में शामिल हुए मंत्रालयीन अधिकारियों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने दिव्यांगजनों को समान अवसर और समानता का अधिकार देते हुए उनके कार्यों में मदद करने की बात कही।
कार्यशाला में बताया गया कि शासकीय कार्यालयों और सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजनों की सुविधा के अनुसार व्यवस्था होनी चाहिए। उनकी सुविधा के लिए सभी शासकीय भवनों में रैंप, लिफ्ट, टॉयलेट, पार्किं ग के साथ ही अन्य जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए।
जनगणना 2011 के अनुसार राज्य में सात प्रकार के नि:शक्तों के आधार पर छह लाख 24 हजार 937 नि:शक्तजन हैं। वर्तमान में 21 प्रकार के नि:शक्तों से प्रभावित लोगों को दिव्यांगजनों की श्रेणी में शामिल किया गया है। राज्य में दिव्यांगों की सही जानकारी संकलित करने के लिए 15 अगस्त से सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा।
कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव सुनील कुजूर, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता, वन विभाग के सचिव अतुल शुक्ला, वाणिज्यि कर विभाग के सचिव डी.डी. सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आशीष कुमार भट्ट, समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव आर. प्रसन्ना सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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