भोपाल, 29 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी नेता और लोक क्रांति अभियान के संयोजक गोविंद यादव ने कहा है कि देश में तीन दशकों से सरकारों द्वारा अपनाई जा रही आर्थिक नीतियां गरीब विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जिसमें संवैधानिक लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है, और उसकी रक्षा के लिए लोक क्रांति सम्मेलन का सिलसिला शुरू किया गया है, जो लोगों को सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट करेगा।
भोपाल प्रवास पर आए गोविंद ने आईएएनएस से रविवार को कहा, “वर्तमान दौर में देश का संवैधानिक लोकतंत्र खतरे में है। विधायिका, न्याय पालिका, कार्य पालिक और पत्रकारिता पर संकट मंडरा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं पर गहराते संकट से मुकाबला करने के लिए लोक क्रांति जरूरी है। डॉ. राम मनोहर लोहिया ने सप्त क्रांति और जय प्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था..अब लोक क्रांति जरूरी है।”
उन्होंने कहा, “भोपाल में दो अगस्त को लोक क्रांति सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें समाजवादी, साम्यवादी, राष्ट्रवादी, मानववादी सहित तमाम विचारधाराओं से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन केंद्र व राज्य सरकार की जन-विरोधी नीतियों और संविधान के विरुद्घ किए जा रहे कृत्यों के खिलाफ किया जा रहा है। इस आयोजन में वरिष्ठ समाजवादी शरद यादव और अनवर अली भी उपस्थित रहेंगे।”
गोविंद के अनुसार, दो अगस्त को भोपाल के गांधी भवन में होने वाले कार्यक्रम में बहुजन संघर्ष दल के फूल सिंह बरैया, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के गुलजार सिंह मरकाम, लोकतांत्रिक जनता दल के (पूर्व सांसद) अनवर अली, महासचिव प्रो. सुशीला मोराले, माकपा के बादल सरोज, भाकपा के अरविंद श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सरोज बच्चन नायक और राष्ट्रीय समानता दल के महेश कुशवाहा हिस्सा लेंगे।
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