जल संसाधन विभाग के सचिव गणेश शंकर मिश्रा ने गुरुवार को बताया कि इस सिलसिले में संबंधित जिलों में कलेक्टरों द्वारा अधिकारियों के जिला स्तरीय निरीक्षण दल बनाए गए हैं।
जल संसाधन सचिव मिश्रा ने कहा कि इन उद्योगों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। रायगढ़ जिले के अधिकारियों के निरीक्षण दल द्वारा जिले के अन्य उद्योगों ने भी नलकूपों की उपयोगिता की लगातार जांच की जा रही है।
मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी अधिकारियों को इस प्रकार की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि वे उद्योगों में भू-जल के उपयोग के एवज में देय जल-कर की राशि भी नियमानुसार वसूल करवाएं।
रायगढ़ जिले में जिन 13 उद्योगों के नलकूपों को बंद करवाया गया है, उनमें (1) मेसर्स सालासार स्टील एंड पॉवर, ग्राम-गेरवानी (2) मेसर्स एन.आर. इस्पात, ग्राम-गौरमुड़ी (3) मेसर्स महामाया रोलिंग मील प्रा.लि., ग्राम-देलारी (4) मेसर्स एम.एस.पी. स्टील एंड पॉवर लिमिटेड, जामगांव (5) मेसर्स एम.एस.पी. स्टील एंड पॉवर लिमिटेड मनवापाली (6) मेसर्स आर.आर. एनर्जी प्रा.लि. गढ़उमरिया (7) मेसर्स नलवा स्टील एंड पॉवर लिमिटेड तराईमाल (8) मेसर्स सिंघल इंटरप्राइजेस प्रा.लि. तराईमाल (9) मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि. सराईपाली (10) मेसर्स रूपणाधाम स्टील प्रा.लि. सराईपाली (11) मेसर्स वंदना एनर्जी एंड स्टील प्रा.लि. पुंजीपथरा (12) मेसर्स एपिक एलायज स्टील प्रा.लि. पूंजीपथरा (13) मेसर्स बालाजी इस्पात प्रा.लि. पूंजीपथरा शामिल हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पिछले महीने लोक सुराज अभियान के दौरान विभिन्न जिलों में आयोजित समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उद्योगों में नलकूपों के माध्यम से भू-जल के दोहन को बंद करवाया जाए और उन्हें सतही जल के उपयोग की सलाह दी जाए।
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