दाउद खां ने तुलसी दास कृत रामायण का गहन अनुशीलन किया और मानस मर्मज्ञ के रूप में प्रसिद्धि पाई। राजभवन में उनका रामकथा वाचन का कार्यक्रम 10 सितंबर को रखा गया था, जो अब नहीं हो पाएगा।
राज्यपाल बलरामजी टंडन ने मानस मर्मज्ञ दाउद खां के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि दाउद सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। उन्होंने राम कथा-वाचक के रूप में लोगों के दिलों में जगह बनाई। उनके अचानक निधन ने हमें झकझोर दिया है।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा, “दाउद खां ऐसे विरले व्यक्ति थे, जो विपरीत परिस्थितियों में भी कहीं भी जाकर भगवान राम के चरित्र की व्याख्या करते थे।”
टंडन ने कहा कि उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दाउद खां के परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।
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