वायुसेना के चीफ मार्शल के प्रवास के दौरान हवाईअड्डे पर आम नागरिकों व मीडिया का अंदर जाना वर्जित कर दिया गया था। उनके प्रवास के मद्देनजर हवाईअड्डे पर सुरक्षा-व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए थे।
उन्होंने बस्तर में कार्यरत वायुसेना के जवानों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। करीब एक घंटे तक वायुसेना प्रमुख ने डीआरडीओ रेस्ट हाउस में बस्तर के जिलाधिकारी अमित कटारिया, आईजी विवेकानंद, डीआईजी सुन्दर राज पी, अपर कलेक्टर हीरालाल नायक, एसडीएम श्री र्कुे सहित अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। यह बैठक वन विभाग कंपाउंड स्थित वायुसेना के रेडियो हॉउस में आयोजित की गई थी। इस दौरान उन्होंने नक्सली अभियान की जानकारी भी ली।
उन्होंने बस्तर में वायुसेना के क्षेत्र में और क्या विकल्प हो सकते हैं, इसकी भी चर्चा स्थानीय अधिकारियों से की।
वायुसेना प्रमुख ने बोधघाट स्थित वायुसेना के गरुड़ बटालियन में जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी वायुसेना प्रमुख ने दौरा किया। खासकर नक्सल प्रभावित जैसे बस्तर क्षेत्र में, जिसे एक महत्वपूर्ण दौरा समझा जा रहा है। वायुसेना बस्तर में लगभग पिछले 15 सालों से अपनी सेवाएं दे रही है।
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