डॉक्टर पुरेंदु लिंबू अपने 26 दोस्तों के साथ अहमदाबाद एक्सप्रेस से सिक्किम से कोलकत्ता होते हुए बिलासपुर स्थित एक कंपनी में ट्रेनिंग के लिए जा रहे थे। ट्रेन जब 23 मई को रायगढ़ जिले के कोतरलिया स्टेशन पर रुकी तो डॉ. लिंबू वहां उतरे और जब ट्रेन वापस निकली तो वे चढ़ नहीं सके थे। साथियों ने फोन पर बात कर उन्हें अगली ट्रेन से आने की बात कही थी। बाद में उनसे संपर्क नहीं हो सका था। इस मामले में चक्रधर थाना पुलिस और सिक्किम से आई एक टीम उन्हें तलाश कर रही थी।
चक्रधरनगर थाना प्रभारी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि ग्रामीण ने शनिवार को पुलिस को लाश मिलने की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को लाश के कपड़ों में आधार कार्ड मिला, जिससे पहचान हो सकी। जंगल में लाश का अधिकतर हिस्सा जानवरों ने नोच खाया था।
उन्होंने बताया कि डॉ. लिंबू के दो भाई यहां मौजूद हैं। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को शव सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद वे शव लेकर सिक्किम निकल जाएंगे।
थाना प्रभारी बनर्जी ने बताया, “23 मई को जब डॉक्टर की ट्रेन छूट गई तो वे अगली ट्रेन के लिए रुके थे। कुछ देर वे पास में सैलून में भी गए और पानी पीने के बाद टहल रहे थे। आशंका है कि वे जंगल की तरफ निकले और रास्ता भटक गए, गर्मी तेज होने की वजह से डिहाईड्रेशन के कारण वे बेहोश हो गए और जानवरों ने उन्हें मार दिया हो।”
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