मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मनाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत यह योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में कचरा बीनने वाली बालिकाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण केंद्र का भी शुभारंभ किया, जहां इन बालिकाओं को सिलाई-बुनाई और रसोई बनाने का अल्पकालीन प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की पहल की जाएगी। इन बालिकाओं को प्रतिदिन 300 रुपये के मान से एक माह में नौ हजार रुपये का प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाएगा।
इन बालिकाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके परिवारों के लोग विगत तीन पीढ़ियों से शहर में कचरा बीनकर जीवन यापन करते आ रहे थे। अब प्रशिक्षण लेकर वे अपना रोजगार शुरू करेंगी।
कार्यक्रम में कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्रीचंद सुंदरानी, पूर्व महापौर सुनील सोनी, कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेशचंद्र शर्मा और उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी उपस्थित थे।
dharmpath.com dharmpath