छत्तीसगढ़ : अकाल पीड़ित किसानों के लिए की राहत की घोषणा

रायपुर, 1 नवंबर (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को यहां राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रदेश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के अकाल पीड़ित किसानों को तत्काल राहत देने और उन्हें भविष्य की चिंता से मुक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण राहत उपायों की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन तात्कालिक घोषणाओं पर अमल करने के लिए राज्य शासन द्वारा लगभग 500 करोड़ रूपए से अधिक राशि खर्च होने का अनुमान है।

राज्यपाल बलरामजी दास टंडन की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

डॉ. रमन सिंह ने अतिविशिष्ट अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि सूखे की वजह से राज्य के 22 लाख किसानों के फसलों का नुकसान हुआ है। उनकी मदद के लिए राज्य सरकार ने उन्हें आगामी खरीफ फसलों की बोआई के लिए एक क्विंटल तक धान बीज नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है। किसानों को बीजों के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस पर राज्य सरकार 250 करोड़ से 300 करोड़ रुपये तक खर्च करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बारिश कम होने के कारण इस बार किसानों के सिंचाई पम्पों में बिजली की खपत काफी बढ़ी है। अकाल को देखते हुए हमने इस वर्ष राज्य के किसानों को तीन हार्स पावर से पांच हार्स पावर तक सिंचाई पम्पों के लिए नि:शुल्क बिजली आपूर्ति की वार्षिक सीमा 7500 यूनिट से बढ़ाकर 9000 यूनिट करने का निर्णय लिया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि साढ़े सात हजार यूनिट बिजली करीब-करीब 24 हजार रूपए की होती है। सूखे की वजह से उन्हें डेढ़ हजार यूनिट अतिरिक्त बिजली नि:शुल्क दी जाएगी, जो लगभग पांच हजार रुपये की होगी। इसे मिलाकर प्रत्येक किसान को लगभग 29 से 30 हजार रुपये तक बिजली नि:शुल्क मिलेगी। उन्होंने कहा कि लगभग विद्युत सिंचाई पम्प धारक चार लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें 200-300 करोड़ तक खर्च संभावित है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में इस वर्ष सूखे की विपदा से प्रभावित हुए हैं। हमने 93 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। कुछ अन्य तहसीलों में भी सूखे की स्थिति उभरकर आई है। आनावारी रिपोर्ट लेकर उन तहसीलों को भी सूखाग्रस्त घोषित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वित्त मंत्री को बताया कि केन्द्रीय अध्ययन दल ने राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है और मैं यह उम्मीद करता हूं कि यह दल बहुत जल्द अपनी रिपोर्ट केन्द्र को देगा और केन्द्र सरकार भी जल्द से जल्द छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए सहायता पैकेज की घोषणा करेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों को तत्काल राहत देने और उन्हें भविष्य की चिंता से मुक्त करने के लिए कई निर्णय लिए हैं। इन फैसलों के तहत सूखा प्रभावित 93 तहसीलों में मनरेगा में सालाना रोजगार दिवसों की सीमा 100 दिनों से बढ़ाकर 150 दिन कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने लगभग एक लाख 90 हजार सूखा प्रभावित किसानों के डीजल पम्पों के लिए तीन करोड़ रूपए का डीजल अनुदान देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित इलाकों में अगले महीनों में पेयजल की दिक्कत न हो इसके लिए हैण्डपम्पों के पाइपों की गहराई बढ़ाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

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