छत्तीसगढ़ में ईवीएम हैकिंग संभव नहीं : निर्वाचन अधिकारी (फोटो सहित)

उन्होंने कहा कि पूरे देश में ईवीएम में आ रही लगातार शिकायतों के बाद, इस बार ईसीआईएल-एम3 तकनीक की मशीनें मंगाई जा रही हैं।

सुब्रत ने कहा, “वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक मतदाता कसडोल विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख 25 हजार 958 और न्यूनतम मनेंद्रगढ़ में 129871 है। एक जनवरी, 2018 को छग में कुल एक करोड़ 81 लाख 10 हजार 102 मतदाता थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 18 लाख 52 हजार 143 हो गए हैं। सर्विस वोटर्स 11 हजार 607 और ओवरसीज वोटर तीन हैं।”

साहू ने कहा, “बूथ स्तर पर घर-घर सर्वे 15 मार्च से 20 जून तक हो चुका है। पांच विधानसभा क्षेत्रों -भिलाई, बस्तर, रायपुर पश्चिम, बिलासपुर और सरगुजा- में बीएलओ एप के माध्यम से ऑनलाइन सर्वे किया गया है और एक जनवरी, 2019 की स्थिति में भविष्य के मतदाताओं की जानकारी भी बीएलओ से की गई, उनकी संख्या 35 हजार 909 है।”

उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं की पहचान सर्वे के दौरान कर ली गई है और डेटाबेस में दर्ज की गई उनके लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था रहेगी।

साहू ने कहा, “आयोग के पोर्टल पर मतदाता सूची संबंधी सभी प्रारूपों में दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। एक जनवरी, 2018 की स्थिति में 18 वर्ष पूर्ण हो चुके मतदाता अपना नाम प्रारूप में दर्ज करा सकते हैं। इसी प्रकार मृत और स्थानांतरिक मतदाताओं के नाम प्रारूप सात से हटवा सकते हैं। मतदाताओं की त्रुटि सुधार प्रारूप आठ में होगा, लेकिन एक ही विधानसभा के मतदान केंद्र में सुधार के लिए प्रारूप आठ (क) में आवेदन करना होगा। मतसूची पुनरीक्षण के लिए अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण और सभी जिलों को फार्म आदि दिए जा चुके हैं।”

उन्होंने बताया कि कंट्रोल यूनिट ईवीएम मशीन सेल्फ चेक मोड में काम कर रहा है। मशीनों से डेटा ट्रांसफर नहीं हो रहा है, इसलिए मशीनों में हैकिंग नहीं हो सकती।

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