उन्होंने कहा कि उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर रेंज रतन लाल डांगी, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर जितेन्द्र शुक्ल के निर्देशन में पुलिस पार्टी के चल रहे अभियान से नक्सलियों में दबाव बना है, जिसके कारण नक्सली अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए निर्दोष ग्रामीणों की नृशंस हत्या, बेरहमी से पिटाई और परिवार सहित गांव से बेदखल करने की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।
जिला नारायणपुर के ग्राम कोस्ताड़ी थाना ओरछा में नागरिक मनोज कोर्राम निवासी कोस्ताड़ी की नक्सलियों ने नृशंस हत्या कर दी। इसी प्रकार नक्सलियों ने क्षेत्र में अपना अस्तित्व बनाए रखने और दहशत फैलाने आमनागरिकों को उनकी सहायता नहीं करने पर परिवार सहित गांव से भगाने की मामला प्रकाश में आया है।
नक्सलियों ने अपने आप को जल, जंगल, जमीन और सीधे-सादे आदिवासी ग्रामीणों का हितैषी कहकर उनसे अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं, यदि कोई ग्रामीण अथवा मजबूर आदिवासी नौकरी, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने, शासकीय योजनाओं का लाभ लेने नारायणपुर आता है या किसी शासकीय अधिकारी या पुलिस अधिकारियों से बात करता है, तो नक्सली उन पर मुखबिरी का आरोप लगाकर ग्रामीणों की नृशंस हत्या कर देते हें। उन्हें गांव से भगा दिया जा रहा है।
आईजी ने कहा कि क्षेत्र में पुलिस पार्टी लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रही है, जिससे नक्सली खासा दबाव में है। ग्रामवासी नक्सलियों के खोखली विचार-धारा को समझ चुके हैं और ग्रामीण कहीं न कहीं खुली व दबी जुबान से माओवादी रीति-नीति का विरोध कर रहे हैं। इन्हीं सब वजह से नक्सली बौखलाकर निर्दोष ग्रामीणों को बेरहमी से पीटाई करते हैं व नृशंस हत्या कर देते हैं या गांव से भगा देते हैं। ताकि उनका क्षेत्र में दहशत कायम रहे और ग्रामवासियों एवं आसपास के क्षेत्र में उनके खौफ का साम्राज्य स्थापित हो परंतु ग्रामीणों इसके उलट इन घटनाओं ने उनके मन में माओवादी नक्सलियों के प्रति आक्रोश एवं असंतोष भर दिया है।
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