छत्तीसगढ़ के नक्सली सेल के एडीजी आरके विंज ने इजराइल के रक्षा व्यापारियों के रायपुर दौरे की बात स्वीकार की है, लेकिन संवेदनशील मामला होने के कारण अधिकृत जानकारी देने से इंकर कर दिया है।
छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवादी क्षेत्रों में बारूदी सुरंग विस्फोट से काफी परेशान है। इसका कोई हल भी नहीं निकल रहा है। अब छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सली क्षेत्रों में बारूदी सुरंगों से सुरक्षाबल के बचाव के लिए रोबोट्स की खरीदी पर विचार-विमर्श कर रही है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया है जिसमें अमेरिका, फ्रांस और इजराइल की कंपनियों ने रुचि दिखाई है। राज्य पुलिस जिस तरह के रोबोट्स चाह रही है उनमें 8-8 फीट की दूरी पर मौजूद बारूदी सुरंग पहचानने की क्षमता हो। वैसे इस तरह के रोबोट्स का प्रयोग अमेरिका की आर्मी करती भी है।
सूत्रों के मुताबिक पिछले सप्ताह ही इजराइल की एक नामी गिरामी कंपनी के प्रतिनिधियों ने रायपुर आकर पुलिस के आला आफसरों से बातचीत की है। बातचीत का विषय गोल्डन आई सीरीज के मानवरहित विमानों और अन्य उपकरणों की खरीदी ही रहा है। वैसे बातचीत में ऐसे कैमरों की खरीदी पर भी चर्चा हुई जिससे 360 डिग्री के आसपास के क्षेत्रों में थ्रीडी दृश्यों को देखा जा सके।
पता चला है कि पुलिस आधुनिकीकरण में धन की समस्या आड़े आ रही है। पहले भी पुलिस ने इजराइल की एक कंपनी से एण्टी माइन रोबोट्स की खरीदी पर चर्चा की थी, पर धन की कमी से बात आगे नहीं बढ़ी थी।
इजराइल की कंपनी ने न्यूनतम 40 रोबोट्स देने का दबाब बनाया था। कंपनी राज्य में अपना मेंटेनेंस यूनिट भी लगाना चाह रही थी, पर बात आगे नहीं बढ़ी। ज्ञात रहे कि केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती के एवज में अभी छत्तीसगढ़ सरकार को केंद्र को 2435 करोड़ रुपये का भुगतान करना बकाया है।
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