उन्होंने कहा कि वह अपनी योजनाओं को अपने माता-पिता, दोस्तों व टीचर को बताता है। इससे उसकी योजनाओं में निखार आता है व छात्र की योजनाओं से उसके चरित्र व करियर का पता चलता है। उन्होंने ने कहा कि सिर्फ ग्रेजुएट हो जाने से जीवन में सीखाना पढ़ना खत्म नहीं होता है आगे जीवन में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा जो आप के बहुत काम आएंगे।
आई.आई.एम के दीक्षांत में 140 छात्रों को डिग्री दी गई। जिसमें प्रधान संजय साईनी, जेसन एंथनी अलंकार व यराव अखिल सुरेन्द्रर को गोल्ड मेडल के खिताब से नवाजा गया।
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