पटना, 27 जुलाई (आईएएनएस)। जातिगत जनगणना की रिपोर्ट सार्वजनिक न किए जाने के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक दिवसीय बिहार बंद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने असफल करार देते हुए कहा कि इस बंद के दौरान ‘जंगलराज’ के जख्म हरे हो गए और राजद-जनता दल (यू) गठबंधन का चरित्र भी लोगों के सामने आ गया।
बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि इस बंद के दौरान जिस तरह बंद समर्थकों द्वारा सड़क पर आतंक मचाया गया, उससे राजद-जद (यू) गठबंधन का चरित्र सामने आ गया। उन्होंने कहा कि इस बंद से लोगों को यह भी समझ आ गया कि अगर यह गठबंधन फिर सत्ता में आया तो यही सब कुछ झेलना होगा।
इधर, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बंद के दौरान पूरे बिहार में उत्पात मचाया गया, जिससे जंगलराज के जख्म हरे हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बंद को सफल बनाने में सरकारी तंत्र भी लगा रहा। सरकारी बसों को भी बंद रखा गया।
मोदी ने कहा, “लाठी के बल पर दहशत फैलाकर राज्य के लोगों की जिंदगी की रफ्तार रोक दी गई। लोगों के साथ मारपीट की गई, परंतु सरकार बंद समर्थकों से उन लोगों की हिफाजत नहीं कर पाई।”
उल्लेखनीय है कि राजद के एक दिवसीय बिहार बंद के दौरान बंद समर्थकों ने कई स्थानों पर वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा लोगों के साथ मारपीट की। राजद के इस बंद का जद (यू) ने भी समर्थन दिया था।
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