तिरुवनंतपुरम, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल सरकार यहां जनजातियों की आजीविका, भोजन संबंधी आदतों, कला और शिल्प तथा संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करेगा।
राज्य में 35 जनजातीय समुदायों को एकीकृत कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार एक छह दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन करेगी, जिसकी शुरुआत शुक्रवार से होगी। कार्यक्रम के दौरान सरकार उनके त्योहारों और पारंपरिक औषधियों का भी प्रदर्शन करेगी।
राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री थिरुवंचूर राधाकृष्णन ने यहां मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि पहली बार ऐसा कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य उन्हें इस बात से आश्वस्त करना है कि वे समाज-विरोधी तत्वों की बलि नहीं चढ़ेंगे।
राधाकृष्णन ने बताया कि जनजातियों को जंगलों से बाहर आकर कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए।
राज्य में जनजाति समुदाय के लगभग 4.85 लाख लोग हैं, जिनमें से 31 फीसदी वायनाड के पर्वतीय जिलों में, 11 फीसदी इदुक्की में हैं और कासरगोड तथा पलक्कड में 10-10 फीसदी हैं।
कार्यक्रम निदेशक सूर्य कृष्णमूर्ति ने बताया, “कार्यक्रम के पहले दिन लगभग 350 आदिवासी भाग लेंगे। यह कार्यक्रम 200 लंबे मंच पर होगा।”
राधाकृष्णन ने बताया, “हम कार्यक्रम के लिए दो करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं और जनजातियों के सभी खर्चे वहन करेंगे। वे 35वें राष्ट्रीय खेलों के लिए बनाए गए गांव में रुकेंगे। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले सभी आदिवासियों को भुगतान भी किया जाएगा।”
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