जबलपुर, 18 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की पुलिस ने फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाकर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के आरोप में चार युवकों को शनिवार को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह सिकरवार ने पत्रकारों को बताया कि टेली कम्युनिकेशन विभाग द्वारा पत्र लिखकर फर्जी मोबाइल एक्सचेंस संचालित किए जाने की सूचना दी गई थी, जिस पर अपराध शाखा ने फर्जी एक्सचेंस संचालित करने वाले एमसीए छात्र मयंक चौबे के अलावा पंकज तिवारी निवउमरेज आलम व अंकुर मिश्रा को गिरफ्तार किया।
सिकरवार के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ सिम बॉक्स, एक सिम लैपटॉप व डेस्कटॉप बरामद किए। सभी आरोपी मोबाइल कारोबार से जुड़े रहे और सिम बेचने का काम करते थे, जिसके कारण उन्हें मोबाइल व सिम की अच्छी जानकारी थी।
आरोपी युवकों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह विगत दो वर्षो से फर्जी एक्सजेंस संचालित करते हैं। मयंक चौबे के लिए उसके बेंगलुरू निवासी दोस्त विनीत मिश्रा के जरिए ऑनलाइन चार सिम बक्स मंगवाए थे, जिसमें से दो सिम बॉक्स पर वह खुद काम करता था और एक-एक बक्सा उसने अंकुर तथा पंकज तिवारी को दिए थे।
पुलिस के मुताबिक, सिम बॉक्स सेट चीन निर्मित है और उन्हें संचालित करने के लिए चीन व सऊदी अरब में प्रशिक्षण दिया जाता है। आरोपी वीओआईपी कॉल को लोकल कॉल में तब्दील कर देते थे। आरोपियों को बैंक खातों के माध्यम से भुगतान किया जाता था, जबकि राशि हवाला के माध्यम से आती थी।
आरोपियों ने एक नाम से कई सिम संचालित कर रखी थी। आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी पुलिस मुख्यालय सहित एसटीएफ व एटीएस को दी गई है। आरोपियों के तार पूर्व में जासूसी नेटवर्क में गिरफ्तार किए गए युवकों से तो नहीं है, इस संबंध में जांच जारी है।
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले दिनों एसटीएफ ने पाकिस्तान को देश को सामरिक महत्व की जानकारियां उपलब्ध कराने के आरोप में 11 को गिरफ्तार किया है। ये लोग भी इसी तरह फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाते थे।
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