श्रीनगर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में गुरुवार को गोमांस पार्टी आयोजित करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो विधायकों ने निर्दलीय विधायक से हाथापाई की, जिसके कारण नाराज होकर पूरा विपक्ष सदन से बर्हिगमन कर गया। बाद में राज्य के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने घटना के लिए माफी मांगी, जिसके बाद विपक्ष सदन की कार्यवाही में शामिल हुआ।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में सदन में निर्दलीय विधायक के साथ हुई मारपीट को लेकर माफी नहीं मांगी थी, जिससे पूरा विपक्ष नाराज था। बाद में उन्होंने घटना के लिए माफी मांगी।
उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि जो कुछ भी हुआ, दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने पहले ही इसकी निंदा की है। मुझे इसका दुख है।”
निर्मल सिंह के लिए माफी मांगने के बाद राज्य के कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री सैय्यद बशरत बुखारी के समझाने-बुझाने पर विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस के विधायक तथा निर्दलीय विधायक सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए तैयार हुए।
गौरतलब है कि जम्मू एवं कश्मीर में सत्तारूढ़ भाजपा के दो विधायकों ने गोमांस पार्टी आयोजित करने को लेकर गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
विधानसभा अध्यक्ष कविंद्र गुप्ता अभी अपनी सीट पर बैठे भी नहीं थे कि भाजपा विधायक गगन भगत और राजीव शर्मा निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद पर झपट पड़े और उनसे हाथापाई शुरू कर दी।
इंजीनियर राशिद को बचाने के लिए राज्य में विपक्षी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के विधायकों को बीच में आना पड़ा।
विपक्ष के नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आज सदन में जो कुछ भी हुआ, वह चौंकाने वाला है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं अब भी यह पूरी तरह से समझने में असमर्थ हूं कि आज (गुरुवार) सदन में क्या हुआ? अध्यक्ष सदन का संरक्षक होता है, लेकिन हम यह जानना चाहते हैं कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर मुख्यमंत्री का क्या कहना है।”
उमर ने कहा कि इंजीनियर राशिद ने जो कुछ भी किया, उससे भाजपा को उन पर इस तरह का हमला करने का अधिकार नहीं मिल जाता।
उन्होंने कहा, “हम अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम इस तरह के मामलों को सुलझाने के लिए हिंसा का सहारा ले।”
उन्होंने कहा, “मेरे धर्म में शराब पीना मना है। सूअर का मांस खाने की भी मनाही है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जो भी इनका सेवन करते हैं, मैं उन पर हमला कर दूं।”
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने विधायक के ऊपर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, “सदन संसदीय आचरण के उच्च मूल्यों का पालन करता है, यहां जो कुछ भी हुआ है, वह निंदनीय है और मैं इसकी भर्त्सना करता हूं।”
वहीं, राज्य के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि सदन में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है और वह इसकी निंदा करते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इंजीनियर राशिद ने एक दिन पहले जो किया वह भी निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण था।
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