नई दिल्ली, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को पाकिस्तानी नागरिक गुलाम नबी गुइदे को, 26 जनवरी, 1995 को जम्मू के मौलाना आजाद स्मारक स्टेडियम में तीन बम विस्फोटों की साजिश रचने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विस्फोट में आठ व्यक्ति मारे गए थे और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
नई दिल्ली, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को पाकिस्तानी नागरिक गुलाम नबी गुइदे को, 26 जनवरी, 1995 को जम्मू के मौलाना आजाद स्मारक स्टेडियम में तीन बम विस्फोटों की साजिश रचने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विस्फोट में आठ व्यक्ति मारे गए थे और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति यू.यू. ललित की पीठ ने गुलाम नबी को दोषी पाया और उसके बाद उसे यह सजा सुनाई। वह बुधवार को सजा सुनाते समय न्यायालय में मौजूद था।
न्यायालय ने सीबीआई की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें मांग की गई थी कि नबी को तीन उम्रकैद की सजा सुनाई जाए, क्योंकि उसे कानून के तीन विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया है, लिहाजा सजा भी उसी अनुरूप होनी चाहिए।
सर्वोच्च न्यायालय ने इसके पहले पहली जुलाई, 2015 को टाडा अदालत के उस फैसले को दरकिनार कर दिया था, जिसमें नबी को आतंकवाद के आरोपों से बरी कर दिया गया था।
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