जयपुर, 25 फरवरी (आईएएनएस)। जयपुर में सिर एवं नाक के कैंसर पर आयोजित संगोष्ठी में मुंह एवं गले के कैंसर का शुरुआती चरण में आधुनिक जांचों से पता लगाना, कीमोथैरेपी की नवीनतम जानकारियां, इम्यूनोथैरेपी का कैंसर में प्रयोग, रेडियोथैरेपी की अत्याधुनिक मशीन एवं तकनीक के साथ ही विभिन्न प्रकार के जटिल ऑपरेशन की बारीकियों पर गहन चर्चा हुई।
भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय के तत्वावधान में शुक्रवार से शुरू हुए इस तीन दिवसीय इंडो ग्लोबल समिट ऑन हैड एवं नेक कैंसर संगोष्ठी में विषेषज्ञों ने इन नवीनतम सुविधाओं एवं तकनीक का राजस्थान के आमजन को लाभ पहुंचाने की बात पर जोर दिया।
भगवान महावीर कैंसर अस्पताल द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में करीब 700 अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय चिकित्सक भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में विश्वहिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैंसर चिकित्सक डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा, “मुंह एवं गले के कैंसर के 90 प्रतिशत रोगी ग्रामीण परिवेश के एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के होते हैं। कैंसर की जांच एवं उपचार सुविधाएं अधिकांश शहरों में उपलब्ध न होने से ग्रामीण रोगियों के इलाज में देरी होती है।” उन्होंने कैंसर के बारे में जनजागरूकता अभियान में सरकारी एवं गैरसरकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक भारतीय नागरिक से जुड़ने का आह्वान किया।
डॉ. पी.एस. लोढ़ा ने कहा कि डॉ. प्रवीण तोगड़िया महीने में करीब 25 दिन जनकल्याण के कार्यक्रमों के लिए यात्रा करते हैं। उन्होंने लगभग 12,000 कैंसर के सफल ऑपरेशन किए हैं। उन्होंने देश में ‘हेल्थी नेशन-हैप्पी नेशन’ नामक मिशन भी शुरू किया है, जिसमें स्वास्थ, शिक्षा एवं गरीब निम्नवर्ग के लोगों के लिए 60,000 परियोजनाएं चल रही हैं।
भगवान महावीर कैन्सर चिकित्सालय न्यास के अध्यक्ष नवरतन कोठारी ने कहा, “राजस्थान के कैंसर रोगियों को जांच एवं उपचार के लिए दिल्ली एवं मुम्बई जाना काफी कष्टप्रद था। इसी से प्रेरणा लेकर इस चिकित्सालय को उत्तर भारत का सर्वोत्तम चिकित्सा केन्द्र बनाने के निरंतर प्रयास जारी हैं।”
टाटा मेमोरियल अस्पताल मुम्बई के निदेशक, डॉ.अनिल डीक्रूज, पूर्व निदेशक डॉ. पी. बी. देसाई, डॉ. डी.डी. पटेल, डॉ. राजागोपाल, डॉ. पीटर, डॉ. जैम्स एडम, डॉ. डेनियल, डॉ. नेक्यूब, मैक्स अस्पताल दिल्ली के डॉ. हरित चतुर्वेदी, बेंगलुरू के डॉ. अय्यर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
राजस्थान मूल के लन्दन में प्लास्टिक सर्जन डॉ. भागवत माथुर ने कहा कि कैंसर की गांठ निकलने के बाद प्लास्टिक सर्जरी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे कैंसर ग्रसित अंग की पुन:सरंचना कर वापस पहले जैसा बनाया जाना सम्भव है।
डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि मुंह एवं गले के कैंसर की सर्जरी शुरुआती चरण में करने से बीमारी जड़ से समाप्त होने की पूरी संभावना होती है।
संगोष्ठी के सचिव डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहा कि आज की गहन चर्चाओं में कई नई दवाइयों एवं कैन्सर सर्जरी की नई तकनीक पर विशेष जोर दिया गया। इम्यूनोथैरेपी का कैंसर में उभरता प्रयोग आने वाले समय में काफी सफल रहेगा।
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