चेन्नई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पी.एच.पांडियन तथा उनके बेटे व पूर्व सांसद मनोज पांडियन ने मंगलवार को प्रदेश की दिवंगत मुख्यमंत्री जे.जयललिता को अस्पताल में भर्ती किए जाने के कारणों की जांच की मांग की।
दोनों (पांडियन) सत्ताधारी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्य हैं।
मनोज पांडियन ने यह भी दावा किया कि जयललिता ने उनसे एक बार कहा था कि उन्हें जहर देकर मारा जा सकता है।
बाप-बेटे दोनों ने एआईएडीएमके की महापरिषद द्वारा वी.के.शशिकला का चुनाव पार्टी के महासचिव के रूप में करने की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति का महासचिव पद पर निर्वाचन केवल पार्टी के सदस्यों द्वारा किया जा सकता है।
पी.एच.पांडियन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जयललिता को अस्पताल में भर्ती किए जाने के कारणों की जांच होनी चाहिए। जयललिता का पांच दिसंबर को निधन हो गया था।
अस्पताल में भर्ती किए जाने के दिन आवास पर उनके (जयललिता) जमीन पर गिरने की खबरों का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जयललिता ने एक बार कहा था कि उनके निधन के बाद उनकी सारी संपत्ति लोगों में बांट दी जानी चाहिए और यह काम उन्हें (पांडियन) करना होगा।
मनोज पांडियन के मुताबिक, पार्टी के नियमों में अंतरिम महासचिव का कोई प्रावधान नहीं है और उनके द्वारा लिए गए सभी फैसले कानूनन अवैध हैं।
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