चेन्नई, 6 दिसम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता के निधन पर देशभर में लोग सदमे में हैं। उन्हें आम आदमी से लेकर नेता और अभिनेता सभी श्रद्धांजलि देने के लिए जुटे हैं।
जयललिता का सोमवार रात 11.30 बजे अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। वह 22 सितंबर से अस्पताल में भर्ती थी।
जयललिता के पार्थिव शरीर को मंगलवार को पोएस गार्डन ले जाया गया।
रीति-रिवाजों के बाद तिरंगे में लिपटे उनके शरीर को राजाजी सभागार ले जाया गया जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जयललिता के विश्वासपात्र शशिकला नटराजन उनके पार्थिव शरीर के पास खड़े रहे।
एआईएडीएमके के सांसद और विधायकों सहित अन्य पार्टी के अधिकारी भी राजाजी सभागार में थे।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम.वेकैंया नायडू, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम, राज्य में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष एस.तिरुनावुक्कारसर, फिल्मी सितारे प्रभु, भाजपा नेता एच.राजा और अन्य ने श्रद्धांजलि दी।
तिरुनावुक्कारसर ने आईएएनएस को बताया, “एक नेता के रूप में जयललिता के तीन महत्वपूर्ण गुण यह थे कि वह बहुत बहादुर, समझदार और तेज थीं। उन्होंने एआईएडीएमके के संस्थापक एम.जी.रामाचंद्रन (एमजीआर) के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान 1984 में विधानसभा चुनाव में राज्यभर में प्रचार अभियान किया। उस दौरान चुनाव में जीत उन्हीं की वजह से मिली थी।”
उन्होंने कहा,”वह करिश्माई छवि थी। वह लोगों को अपनी बातों और तर्को से प्रभावित करती थीं। लोगों ने उन्हें एमजीआर के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में देखा। वह कुशल प्रशासक थीं। उनकी ताकत उनका साहस था।”
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