जल्लीकट्ट मामला संविधान पीठ के हवाले

नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार की ओर राज्य में आयोजित किए जाने वाले पारंपरिक खेल ‘जल्लीकट्ट’ को अनुमति देने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिका को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेज दिया।

न्यायमूर्ति आर. एफ. नरीमन ने न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा के साथ फैसला सुनाते हुए कहा, “हमने पांच प्रश्न भी तैयार किए हैं।”

न्यायालय ने यह निर्णय भारतीय पशु कल्याण बोर्ड(एडब्ल्यूबीआई) की ओर से जल्लीकट्ट को इजाजत देने संबंधी राज्य के कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर लिया है।

तमिलनाडु ने जल्लीकट्ट के संबंध मे हमेशा अपना पक्ष मजबूती से रखा है, और कहा है कि यह दशकों पुराना रिवाज है, जिसे पोंगल त्योहार के दौरान आयोजित किया जाता है और इसे कानूनी बाधाओं से रोका नहीं जा सकता है।

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान, प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने संकेत किया था कि इस मामले को हमेशा के लिए सुलझाने के लिए एक बार और संविधान पीठ के पास भेजा जा सकता है।

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