जाति, धर्म, परिवारवाद के आधार पर राजनीति नहीं होनी चाहिए : वेंकैया नायडू

पटना, 22 मार्च (आईएएनएस)। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने यहां गुरुवार को कहा कि देश की संस्कृति ‘वसुधैव कुटम्बकम’ की रही है, यहां रहने वाले सभी धर्म व जाति के लोग भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि जाति, मजहब और परिवारवाद के आधार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार दिवस समारोह के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “नीतीश ने राजनीति का एजेंडा बदल दिया है और बिहार में विकास की राजनीति की शुरुआत की है, जो सराहनीय है।”

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि देश में जाति के आधार पर राजनीति नहीं होने दें। उन्होंने कहा कि सिद्घांतविहीन राजनीति करने वालों का साथ मत दीजिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में जितना जरूरी सिद्घांत है, उतना ही आचरण भी जरूरी है। विकास के साथ सुशासन जरूरी है। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के तर्ज पर ही देश का विकास हो सकता है।

गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत बताते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि गांधीजी ने समाज को बदलने का जो संदेश दिया था, आज बिहार में उसे लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार द्वारा दहेजप्रथा, बाल विवाह आर नशाबंदी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि गांधीजी ने महिलाओं को सम्मान देने की आवश्यकता बताई थी और आज महिलाएं अपनी पहचान खुद बना रही हैं। बिहार की धरती को महापुरुषों की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि अहिंसा की शुरुआत बिहार की धरती से हुई थी।

इससे पूर्व गांधी मैदान में तीन दिनों तक चलने वाले बिहार दिवस समारोह का उप राष्ट्रपति ने उद्घाटन किया। इस मौके पर बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी उपस्थित थे।

22 मार्च 1912 को बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर राज्य बनाया गया था। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाती है।

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