जापान के उच्च सदन द्वारा शनिवार को पारित विधेयक के मद्देनजर एमओडी ने यह टिप्पणी की।
एमओडी ने एक बयान में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय व जापान की जनता के कड़े विरोध के बावजूद जापान की संसद के उच्च सदन ने सैन्य व सुरक्षा से संबंधित विधेयक को पारित कर दिया।
बयान के मुताबिक, “इस कदम से जापान के शांतिवादी संविधान के प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया है।”
एमओडी के बयान में कहा गया कि जापान की शीत युद्ध की मानसिकता, सैन्य गठबंधनों का सुदृढ़ीकरण तथा अधिक से अधिक सैनिकों को विदेश भेजने के प्रयास से जापान की जनता, एशिया के पड़ोसी देशों व अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।
एमओडी के मुताबिक, “हम जापान के इतिहास से गहरा सबक लेने, उसके एशियाई पड़ोसी देशों की सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान देने व क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के अनुकूल कार्य करने की अपील करते हैं।”
बयान में यह भी कहा गया है कि चीन जापान के अगले कदम पर बारीकी से निगाह रखेगा।
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