जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस प्रस्ताव के प्रति अपना समर्थन जताते हुए उत्तर कोरिया से और अधिक परमाणु परीक्षण तथा रॉकेट लांच नहीं करने की अपील की।
आबे ने इन मुद्दों को सुलझाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समन्वय का भी आह्वान किया।
जापान के विदेश मंत्री फूमियो किशिदा ने भी संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को मंजूरी देने से इन मुद्दों के प्रति अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के दृढ़ रवैये का पता चलता है।
जर्मनी की सरकार ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत किया।
जर्मनी के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान में कहा, “उत्तर कोरिया पर लगाए गए नए प्रतिबंध तर्कसंगत और आवश्यक हैं। यह उत्तर कोरिया सरकार के लिए एक कड़ा संकेत है कि इस तरह के उकसावे वाले कृत्य स्वीकार्य नहीं हैं।”
प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रस्ताव पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की आम सहमति से पता चलता है कि सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा वैश्विक शांति के लिए खतरनाक कदमों एवं कृत्यों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ब्रिटेन ने भी इस प्रस्ताव की प्रशंसा की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री फिलिप हैमंड ने एक बयान में कहा, “इस प्रस्ताव का एकमत से पारित होना दर्शाता है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस तरह के प्रस्तावों के उल्लंघन पर कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है।”
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