जयपुर, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। नामीबिया की गरीबी उन्नमूलन एवं समाज कल्याण उपमंत्री प्रिस्किला बूइस ने कहा कि अक्षयपात्र जिंदगी को आसान बनाता है। नामीबिया में गरीबी उन्मूलन के लिए इस तरह की योजना बड़ी लाभदायक सिद्ध होगी। गरीबी उन्नमूलन एवं समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा इस दिशा में विशेष प्रयास किया जाएगा।
अक्षयपात्र फाउंडेशन के साथ समन्वय स्थापित कर केन्द्रीयकृत रसोईघर परियोजना को नामीबिया में भी लागू किया जाएगा। नामीबिया के प्रतिनिधि मण्डल ने गुरूवार को अजमेर में तोपदड़ा स्थित केन्द्रीयकृत रसोईघर का दौरा किया। प्रतिनिधि मण्डल को जिला कलक्टर गौरव गोयल ने मिड-डे-मील योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि अजमेर नगर निगम और पुष्कर नगर पालिका क्षेत्र सहित आसपास के 107 स्कूलों के लगभग 25 हजार विद्यार्थियों को गर्म पौष्टिक मिड-डे-मील उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य के सरकारी स्कूलों में सुविधाएं और संसाधन मुहैया कराए जाने की कड़ी में अजमेर में सैन्ट्रलाइज्ड किचन एक अहम कदम है। इससे स्कूलों में नामांकन के साथ ही उपस्थिति तथा अध्ययन की प्रवृत्ति में वृद्धि हुई है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल ग्रामीण एवं शहरी विकास उपमंत्री सिलविया मेक्गॉने ने कहा कि केन्द्रीकृत रसोईघर को देखकर में अभिभूत हूं और इसे नामीबिया में लागू करने के लिए सरकार पूरा प्रयास करेगी। जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करवाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग को भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है।
प्रतिनिधि मण्डल में ओमाहेके प्रांतीय परिषद के अध्यक्ष कातामिला, कॉवांगो पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष सिकॉन्गो, ऑहांग्वैना क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष डावानिफ्वा, नामीबिया विश्वविद्यालय के डॉ. पौलिना उगव्नागा, शहरी एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के उपनिदेशक ईम्मान्युअल नैफले, मुख्य विकास योजनाकार कारलौस शिनोहाम्बा, गरीबी उन्नमूलन एवं समाज कल्याण मंत्रालय के य्वोने कौकुइटु एवं नामीबिया में भारतीय उच्चायुक्त के सलाहकार डॉ. विश्वास सक्सेना शामिल थे।
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