जिंदगी में अब प्यार का इंतजार नहीं : मनीषा कोइराला

मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। अभिनेता संजय दत्त की बायोपिक ‘संजू’ में उनकी मां और दिग्गज अभिनेत्री नसगिस दत्त का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री मनीषा कोइराला का कहना है कि वे अब रोमांटिक प्यार का इंतजार नहीं कर रहीं।

मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। अभिनेता संजय दत्त की बायोपिक ‘संजू’ में उनकी मां और दिग्गज अभिनेत्री नसगिस दत्त का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री मनीषा कोइराला का कहना है कि वे अब रोमांटिक प्यार का इंतजार नहीं कर रहीं।

उन्होंने कहा, “शायद स्त्री-पुरुष वाला प्यार मेरी किस्मत में नहीं है। अच्छा है। दोबारा किसी गलत रिश्ते में पड़ने से बेहतर मैं इस कटु सत्य को स्वीकार कर लूंगी। मैं कभी किसी पुरुष को मुझे दुखी करने की इजाजत नहीं दूंगीं।”

कैंसर से लड़ने के बाद नई जिंदगी पाने वाली अभिनेत्री ने कहा, “चाहे मेरी निजी जिंदगी हो या मेरा करियर, मैं अब ऐसे समय में किसी गलत स्थिति का सामना नहीं कर सकती जब भगवान ने मुझे दूसरा मौका दिया है।”

पहले से ज्यादा समझदार और असाधारण रूप से खूबसूरत मनीषा ने कहा, “मेरी दुनिया अलग हो गई थी। लेकिन फिर अनुभव ने मुझे और समझदार और सहनशील बनाया। जब आपका जीवन खतरे में होता है, आपको जिंदगी की असली कीमत तभी समझ में आती है।”

‘संजू’ में कैंसर रोगी का किरदार निभा रहीं मनीषा ने कहा, “यह आसान नहीं था। उस दर्द, परेशानी और पीड़ा को दोबारा जीना आसान नहीं था। नरगिस जी का किरदार निभाने के लिए बहुत ज्यादा आत्मिक शक्ति की जरूरत होती है। लेकिन अंत में सब काम आया क्योंकि नरगिस जी एक प्रतिष्ठित हस्ती थीं। मैंने उन्हें जीने की कोशिश की है। मात्र उनके जैसा दिखना और उनके जैसे बाल संवारना ही पर्याप्त नहीं है।”

उन्होंने कहा, “मुझे उनका स्वभाव, उनकी रूह को समझना था। मेरी कोशिश कितनी सफल हुई है, इसका पता जल्द लग जाएगा।”

मनीषा का कहना है कि उनका ज्यादातर समय फिल्मों में उनके किरदारों की तैयारी करने में बीतता है।

‘संजू’ में अपनी संक्षिप्त भूमिका पर मनीषा ने सफाई दी, “‘संजू’ में शायद सभी महिला कलाकारों का किरदार रणबीर से छोटा है। रणबीर कपूर ने संजय दत्त का किरदार निभाया है जिनके ऊपर फिल्म बनी है।”

मनीषा संजय दत्त के साथ ‘प्रस्थानम’ नाम की एक और फिल्म कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सहायक होने के बावजूद फिल्म में मेरा किरदार मजबूत है।

मनीषा संस्करण लिख रही हैं। मैं एक पेशेवर लेखक के साथ अपना संस्करण लिख रही हूं। यह किताब कैंसर में बचे या उन लोगों को प्रेरित करेगी जो यह सोचते हैं कि उन्हें नई जिंदगी मिली है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493