जिगिशा हत्याकांड : अदालत सोमवार को तय करेगी सजा

नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। जिगिशा हत्यांकाड की सुनवाई कर रही एक अदालत ने तीन दोषियों को कितनी सजा दी जाए, इस पर शनिवार को आदेश सुरक्षित रख लिया। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाली जिगिशा घोष की वर्ष 2009 के मार्च में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने दोषी करार दिए गए रवि कपूर, अमित शुक्ला और बलजीत सिंह मलिक की सजा तय करने के लिए 22 अगस्त की तिथि तय की है।

लोक अभियोजक राजीव मोहन ने अदालत से दोषियों को मौत की सजा देने का आग्रह किया, क्योंकि इन अपराधियों ने कोई अफसोस नहीं जताया है।

अभियोजन पक्ष के वकील ने अदालत को अवगत कराया कि ये अपराधी इंडिया टुडे समूह की पत्रकार सौम्या विश्वनाथन और एक टैक्सी चालक की हत्या के मुकदमे का भी सामना कर रहे हैं।

बचाव पक्ष के वकील ने इनके साथ यह कहकर नरमी बरतने का आग्रह किया कि दोषी अभी कम उम्र के हैं।

अदालत ने 14 जुलाई को तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302(हत्या), धारा 201(सबूत मिटाने), धारा 364 (हत्या करने के लिए अपहरण), धारा 394(डाका डालने के दौरान जानबूझकर चोट पहुंचाने का कारण बनना), धारा 468 (धोखा देने के लिए जालसाजी), धारा 471 (फर्जी दस्तावेज को असली रूप में या इलेक्ट्रॉनिक रिकार्ड के रूप में इस्तेमाल करना), धारा 482 (संपत्ति के नकली मुहर का इस्तेमाल करना) और धारा 34(समान इरादा) के तहत दोषी माना है।

जिगिशा (28) हेवेट एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड में संचालन प्रबंधक के पद पर थी। उसका 18 मार्च, 2009 को दफ्तर की गाड़ी से दक्षिण दिल्ली के वसंत विहार इलाके में स्थित घर के पास उतरने के बाद सुबह लगभग चार बजे अपहरण कर लिया गया था।

उसका शव 20 मार्च को हरियाणा में सूरजकुंड के पास मिला था।

बाद में पुलिस ने कपूर, शुक्ला और मलिक को इस मामले में गिरफ्तार किया था।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493