नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने जीएसटी विधेयक पर राज्यसभा में बुधवार को चर्चा के लिए उसे सूचीबद्ध किया है, और उसे आशा है कि यह आमसहमति से पारित हो जाएगा। लेकिन विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत अभी भी जारी है और फिलहाल कोई सहमति नहीं बन पाई है।
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने जीएसटी विधेयक पर राज्यसभा में बुधवार को चर्चा के लिए उसे सूचीबद्ध किया है, और उसे आशा है कि यह आमसहमति से पारित हो जाएगा। लेकिन विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत अभी भी जारी है और फिलहाल कोई सहमति नहीं बन पाई है।
इस क्रम में भाजपा ने अपने राज्यसभा सदस्यों को अगले तीन दिनों तक सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, “जीएसटी विधेयक बुधवार के लिए सूचीबद्ध किया गया है। हमें आशा है कि यह आम सहमति से पारित हो जाएगा।”
सरकार ने प्रारंभ में जीएसटी विधेयक पर मंगलवार को चर्चा की योजना बनाई थी, लेकिन इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया, ताकि पार्टियों को अपने सदस्यों से बातचीत करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
अनंत ने कहा कि मूड विधेयक को पारित करने के पक्ष में है, और विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बातचीत की जा रही है, क्योंकि यह विधेयक सभी राज्यों से संबंधित है।
कांग्रेस ने कहा कि वह हरेक उचित समाधान स्वीकार करने को तैयार है, लेकिन राय-मशविरा अभी भी जारी है।
कांग्रेस प्रवक्ता पी.एल. पुनिया ने संवाददाताओं से कहा, “हम हर उचित समधान को स्वीकार करने को तैयार हैं, जिससे व्यापा-उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, और संघीय ढांचे व उपभोक्ताओं पर भी उसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।”
पुनिया ने कहा कि जीएसटी अर्थव्यवस्था, उद्योग, व्यापार और उपभोक्ताओं के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हम इस बात से सहमत हैं। कांग्रेस पार्टी ने ही जीएसटी का विचार पेश किया है, जिसका विरोध भाजपा ने किया था और खासतौर से मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने।”
पुनिया ने कहा, “हमने कुछ वैध मुद्दे उठाए हैं और बातचीत अभी भी जारी है।”
मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) विधेयक में प्रमुख बदलावों को मंजूरी दे दी थी, जिसमें अंतर्राज्यीय बिक्री पर प्रस्तावित अतिरिक्त एक प्रतिशत कर को समाप्त करना भी शामिल था। कांग्रेस इसकी मांग कर रही थी।
मंत्रिमंडल ने पांच वर्षो तक सभी राजस्व नुकसान के लिए राज्यों को मुआवजा देने का तंत्र शामिल करने को भी मंजूरी दे दी थी।
जीएसटी विधेयक राज्यसभा में लटका हुआ है, जहां सरकार के पास बहुमत नहीं है, और कांग्रेस सदन में सबसे बड़ी पार्टी है।
जीएसटी को पूर्व कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने सबसे पहले पेश किया था।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पिछले सप्ताह कहा था कि विधेयक पर सरकार को कोई अंतिम आवश्वासन न तो कांग्रेस ने दिया है, और न दूसरी विपक्षी पार्टियों ने ही।
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