कर्फ्यू और बंद के बीच कश्मीर की स्थिति थोड़ी सुधरी (राउंडअप)

श्रीनगर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कुछ स्थानों पर पथराव कर रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की छिटपुट घटनाओं के बीच सोमवार को कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति में थोड़ी बेहतरी के संकेत मिले। श्रीनगर शहर में कुछ सामान्य गतिविधियां देखने को मिलीं।

अनंतनाग जिले के काजीगुंड इलाके में एक बेकाबू भीड़ पर सुरक्षा बलों ने फायरिंग की जिसमें दो प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

इस बीच अनंतनाग जिले में पिछले हफ्ते झड़प में घायल एक 60 वर्षीय व्यक्ति की सोमवार को अस्पताल में मौत हो गई। इस तरह हिंसा के मौजूदा दौर में मरने वालों की संख्या 51 हो गई है।

हालांकि, पुराने शहर और श्रीनगर के ऊपरी इलाकों में प्रतिबंध जारी रहा लेकिन कई दिनों बाद कुछ सामान्य गतिविधियां देखी गईं। सड़कों पर निजी वाहन दिखे और कई मार्गों पर पैदल यात्रियों को देखा गया।

कश्मीर घाटी में जारी बंद के दौरान शांतिपूर्ण विरोध के क्रम में अलगाववादियों ने लोगों से भारत विरोधी भित्ति चित्रण एवं दीवारों पर नारे लिखने का आह्वान किया है।

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घाटी के कई इलाकों में कर्फ्यू एवं प्रतिबंध लगा रखा है।

सुरक्षा बलों के साथ आठ जुलाई को हुई मुठभेड़ में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से अलगाववादियों के बंद के आह्वान के अब 24 दिन बीत चुके हैं।

होटल, हाउस बोट और अतिथि गृह वीरान पड़े हैं। हिंसा की वजह से पर्यटक घाटी छोड़कर जा चुके हैं।

शिक्षण संस्थान, बैंक और डाक घर भी बंद हैं। कर्फ्यू और अलगाववादियों के बंद, दोनों से सिर्फ अनिवार्य सेवाओं को छूट है।

श्रीनगर-जम्मू और श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्गो पर यातायात केवल रात में ही दिखता है क्योंकि प्रदर्शनकारी कर्फ्यू के बावजूद दिन में इन राजमार्गो को जाम रखते हैं।

अमरनाथ यात्रा पर प्रतिदिन आने वाले वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बहुत कम हो गई है। अब तक दो लाख 18 हजार भक्त पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी का दर्शन कर चुके हैं। इस दौरान प्राकृतिक कारणों से अब तक 21 श्रद्धालुओं की मौत हुई है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493