नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सऊदी अरब में बेरोजगार हुए 10,000 भारतीय श्रमिकों को स्वदेश वापस लाने के लिए सरकार सभी प्रयास कर रही है और उनकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विदेश राज्यमंत्री वी. के. सिंह मंगलवार को सऊदी अरब जाएंगे।
सुषमा ने सदन को बताया कि वह सऊदी में रह रहे भारतीय श्रमिकों की स्थिति पर खुद हर घंटे नजर रखे हुए हैं तथा भारतीय दूतावास द्वारा वहां लगाए गए पांच शिविरों में भारतीय श्रमिकों को भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
वैश्विक बजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सऊदी अरब के निर्माण उद्योग में मंदी छा जाने के बाद खाड़ी समन्वय परिषद (जीसीसी) क्षेत्र में छाई आर्थिक मंदी के चलते कई फैक्टरियां बंद हो गईं, जिनमें अधिकांश निर्माण क्षेत्र की कंपनियां हैं और हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं।
सूत्रों ने यहां सोमवार को बताया, “स्थिति में तेजी से बदलाव हुआ है। खाड़ी देशों में आर्थिक मंदी की वजह से 10,000 के करीब भारतीय श्रमिकों की नौकरी प्रभावित हुई है। हालांकि प्रत्येक कंपनी पर इसका अलग-अलग प्रभाव पड़ा है।”
खाड़ी समन्वय परिषद (जीसीसी) क्षेत्र में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, रियाद में 3,172 भारतीय श्रमिकों को सात महीनों से वेतन नहीं दिया गया है और सिर्फ राशन दिया गया है।
सऊदी अरब के जेद्दाह में स्थित अग्रणी कंपनी सऊदी ओगर में काम करने वाले 2,450 भारतीय श्रमिकों को जेद्दाह, मक्का और ताइफ में स्थापित पांच शिविरों में शरण दी गई है।
सूत्रों ने बताया, “कंपनियां वेतन तो दे ही नहीं रही थीं, 25 जुलाई से उन्होंने श्रमिकों को भोजन भी देना बंद कर दिया है।”
भारतीय दूतावास और भारतीय समुदाय ने श्रमिकों को 15,475 किलोग्राम खाद्य सामग्री और खाना पकाने के लिए जरूरी अन्य सामान मुहैया करवाया है। इसके अलावा शनिवार को श्रमिकों में 1,850 खाने के पैकेट वितरित किए गए।
सूत्रों ने बताया कि विदेश राज्यमंत्री एम. जे. अकबर सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर श्रमिकों की ओर से वेतन का दावा पेश करने और उस पर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।
बताया गया कि अकबर ने स्वदेश वापसी की इच्छा रखने वाले भारतीय श्रमिकों के लिए एक्जिट वीजा हासिल करने में सऊदी अधिकारियों से मदद मांगी है।
सुषमा स्वराज ने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करती हूं कि सऊदी अरब में बेरोजगार हुआ कोई भी श्रमिक भोजन के बिना नहीं रहेगा। मैं घंटे-घंटे स्थिति की निगरानी कर रही हूं। मैं संसद को यह बताते हुए संतोष महसूस कर रही हूं कि सभी पांच शिविरों में अगले दस दिनों के लिए राशन वितरित कर दिया गया है।”
विदेश मंत्री ने कहा, “लेकिन, यह समस्या का स्थाई हल नहीं है। फैक्ट्रियां बंद कर कंपनियां भाग गई हैं। हम अपने श्रमिकों को वहां नहीं छोड़ सकते हैं। मैंने उनके विदेश विभाग और श्रम विभाग से संपर्क किया है। हमने वहां के विदेश विभाग से कहा है कि वे श्रमिकों को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए हमको अधिकृत करें।”
स्थिति की विस्तार से जानकारी देते हुए सुषमा ने कहा, “उनके वेतन भी बाकी हैं। इसलिए मैंने श्रम विभाग से कहा है कि प्रत्येक श्रमिक एक अनुबंध पत्र पर दस्तखत करेगा। सऊदी सरकार को बकाए का भुगतान करने से पहले कंपनी को इन श्रमिकों को भुगतान करना चाहिए।”
विदेश मंत्री ने कहा, “कोई भी श्रमिक भूखा नहीं रहेगा। संसद के जरिए देश को मेरा यह आश्वासन है कि प्रत्येक व्यक्ति को भोजन मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि वी. के. सिंह के रियाद पहुंचने पर सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
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