नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति की बैठक के प्रथम दिन मंगलवार को जीएसटी विधेयक का मसौदा जारी किए जाने पर उद्योग जगत ने खुशी जताई है।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, “यह जीएसटी लागू करने की दिशा में अगला कदम है। इससे उद्योग यह मानने के लिए प्रोत्साहित होगा कि संसद के आगामी मानसून के बाद जीएसटी एक हकीकत बन सकता है।”
कोलकाता में बैठक के प्रथम दिन की समाप्ति के बाद जीएसटी विधेयक का मसौदा जारी किया गया। बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली भी शामिल हुए थे।
सरकार एक बार जीएसटी कानून को एक अप्रैल, 2016 तक लागू करने में असफल रही है। अब अगली समय सीमा एक अप्रैल, 2017 बनाई गई है। माना जा रहा है कि विधेयक मानसून सत्र में पारित हो जाएगा।
बीएमआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी के साझेदार महेश जयसिंह ने कहा, “अब सभी की निगाह मानसून सत्र पर टिकी है। उम्मीद है कि विधेयक पारित हो जाएगा और देश में अप्रैल 2017 तक जीएसटी व्यवस्था लागू होने का रास्ता तैयार हो जाएगा।”
जीएसटी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सरलता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके लागू होने के बाद देश में मौजूद अधिकतर अप्रत्यक्ष कर समाप्त हो जाएंगे।
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