नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित करने के लिए सरकार को इस साल बहुमत मिल जाने की संभावना है। यह बात अमेरिकी निवेश बैंक मोर्गन स्टेनले ने एक रिपोर्ट में कही।
बैंक ने एक रिपोर्ट में कहा, “जीएसटी विधेयक पारित कराने के लिए सरकार को 2016 में जरूरी मत मिल सकते हैं।”
रिपोर्ट में कहा गया है, “विधेयक को पारित कराने के लिए विपक्षी सदस्यों की संख्या वर्तमान 91 से घटकर 82 होना जरूरी है। हमारा अनुमान है कि यह जुलाई 2016 में हो सकता है।”
रिपोर्ट के मुताबिक, “विधेयक के संसद से पारित हो जाने के बाद आधे से अधिक राज्यों की विधानसभा से पारित कराना कठिन नहीं होगा, क्योंकि 29 में से 12 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दल सत्ता में हैं। इसके अलावा कुछ राज्यों की सरकारें इस विधेयक का समर्थन कर रही हैं।”
विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है। राज्यसभा में व्यापक समर्थन के अभाव में यह लंबित है।
मोर्गन स्टेनले के मुताबिक, जीएसटी विधेयक पारित होने का शेयर बाजारों पर बेहतर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि महत्वपूर्ण 10 सेक्टरों में से छह इससे लाभान्वित होंगे।
खपत, लॉजिस्टिक्स, मकानों की निर्माण सामग्री और औद्योगिक विनिर्माण पर इसका अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक तंबाकू उत्पादों और तेल एवं गैस को यदि जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, तो इन पर प्रतिकूल असर होगा। अन्य क्षेत्रों पर जीएसटी का अधिक असर नहीं होगा।
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