जीडीपी आंकड़ों ने विरोधियों की बोलती बंद कर दी : मोदी (लीड-1)

महाराजगंज/देवरिया, 1 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद आए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) संबंधी आंकड़ों को विरोधियों के दुष्प्रचार का जवाब देते हुए कहा कि देश के ईमानदार लोगों, किसानों और नौजवानों ने जीडीपी में सुधार के जरिए हार्वर्ड और हार्ड वर्क वालों की सोच के बीच फर्क जाहिर कर दिया है।

महाराजगंज के बाद देवरिया में मोदी ने विजय शंखनाद रैली को संबोधित करते हुए यह बातें कही। मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद विपक्ष के लोगों ने आर्थिक विकास चौपट होने, उद्योग धंधे बंद होने और देश के पूरी तरह पिछड़ने का दुष्प्रचार किया था।

उन्होंने कहा, “हार्वर्ड और आक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों के बड़े-बड़े विद्वानों ने नोटबंदी के कारण जीडीपी में दो से चार प्रतिशत की गिरावट का दावा किया था, लेकिन कल (मंगलवार) आए आंकड़ों में जीडीपी में बढ़ोतरी ने साबित कर दिया है कि हार्वर्ड और हार्ड वर्क में कितना फर्क है।”

प्रधानमंत्री ने कहा देश ने हार्वर्ड वालों और हार्ड वर्क वालों की सोच का फर्क देख लिया। एक ओर हार्वर्ड के विद्वान हैं और दूसरी ओर एक गरीब मां का बेटा है जो हार्ड वर्क से देश की अर्थनीति बदलने में लगा हुआ है। देश के ईमानदारों ने दिखा दिया है कि हार्वर्ड से ज्यादा दम हार्ड वर्क में है।

मोदी ने कहा, “कल (मंगलवार) आए जीडीपी के आंकड़े बता रहे हैं कि देश के ईमानदारों, किसानों और नौजवानों ने देश की विकास यात्रा को कोई आंच नहीं आने दी। मैं सिर झुकाकर नमन करना चाहता हूं कि उन्होंने झूठी बातों के बीच खेल करने वालों को परास्त कर दिया है। देश को अर्थनीति का यही मॉडल चाहिए। यह हमने करके दिखाया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “कल जो आंकड़े आए हैं, उससे विरोधियों को परेशानी हो रही है। वे अब कह रहे हैं कि आंकड़े कहां से आए। वे आंकड़े सच्चे हैं या झूठे। दरअसल, सभी सरकारों में जहां से आंकड़े आते हैं, वहीं से हमारे यहां भी आते हैं।”

इससे पहले महाराजगंज में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने अखिलेश पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उप्र की जनता ने यहां पिछले 15 वर्षो से चल रही राजनीतिक गंदगी को दूर करने का मन बना लिया है।

मोदी ने कहा, “चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। मतदाताओं ने जिस उमंग और उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व को मनाया है। इसके लिए उप्र के सभी मतदाताओं का शुक्रिया अदा करता हूं।”

उन्होंने कहा, “पांचों चरण का हिसाब लोगों ने लगा लिया है। अब बचने की कोशिश बेकार है। उप्र की जनता 15 वर्ष का गुस्सा निकाल रही है। जिन्होंने उप्र को लूटा है उन सबको जनता चुन चुनकर साफ करने में लगी है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “देशभर में स्वच्छता अभियान चला रहा हूं। ऐसा लगता है कि उप्र की जनता ने राजनीतिक गंदगी हटाने का फैसला कर लिया है। उप्र के सातों चरण इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह है। यह आशा की नई किरण पैदा करती है।”

मोदी ने कहा कि उप्र में छठे और अंतिम सातवें चरण में यहां के मतदाताओं से बोनस की जरूरत है। ऐसे बोनस की जिससे उप्र के इतिहास में सबसे मजबूत सरकार का गठन हो।

प्रधानमंत्री ने कहा, “यह चुनाव गरीब, शोषण और भाई-भतीजावाद से मुक्ति का चुनाव है। उप्र को एकता के रंग से रंग देना और शांति घर घर पहुंचाना और चुनाव बाद एक नया उप्र बनाना है। यही सपना लेकर आए हैं।”

मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री छह महीने से कह रहे हैं कि काम बोल रहा है, लेकिन उनके कारनामे बोल रहे हैं। अखिलेश को बुरा लग जाता है।

उन्होंने कहा कि उप्र सरकार की जो वेबसाइट है। उस पर उप्र सरकार खुद क्या कर रही है। उप्र सरकार की वेबसाइट कहती है कि कारनामे बोल रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “उप्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट में लिखा है कि उप्र में जिंदगी बहुत छोटी होती है और कब मर जाएं भरोसा नहीं। उप्र की हालत अफ्रीका में सहारा के रेगिस्तान जैसी है।”

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश है। देशवासियों एवं ईमानदार लोगों, किसानों, नौजवानों का नमन करना चाहता हूं कि विरोध के बीच जनता ने देश की विकास दर को आगे बढ़ाया है।

मोदी ने कहा, “विरोधी पूछते हैं कि आंकड़े कहां से आए। आंकड़े झूठे हैं। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि पहले आंकड़े जहां से आते थे अब भी वहीं से आ रहे हैं।”

राहुल और अखिलेश पर चुटकी लेते हुए मोदी ने कहा कि एक दल ने उप्र में नारा लगाया 27 साल उप्र बेहाल और दूसरे ने उप्र को बेहाल किया। चुनाव की घंटी बजते ही दोनों एक साथ मिल गए।

मोदी ने कहा, “एक देश को बेहाल करने में एक्सपर्ट है तो दूसरा उप्र को बेहाल करने में, लेकिन अब ये दोनों मिलकर उप्र को बेहाल करने में जुटे हुए हैं। क्या उप्र ऐसे लोगों को चुनेगी।”

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