जीतना है तो आस्ट्रेलिया को काउंटर अटैक से रोकना होगा

मुंबई, 27 जून (आईएएनएस)। हॉकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) सेमीफाइनल के अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए भारत को हर हाल में विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया को काउंट अटैक करने से रोकना होगा। इस कड़े मुकाबले में कप्तान सरदार सिंह की भूमिका अहम होगी।

मुंबई, 27 जून (आईएएनएस)। हॉकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) सेमीफाइनल के अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए भारत को हर हाल में विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया को काउंट अटैक करने से रोकना होगा। इस कड़े मुकाबले में कप्तान सरदार सिंह की भूमिका अहम होगी।

टूर्नामेंट में भारत तीन मैच खेलकर अब तक अविजित है। फ्रांस और पोलैंड के खिलाफ जहां उसने जीत हासिल की, वहीं चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को बराबरी पर रोकने में सफल रहा।

कोच पॉल वैन ऐस के मार्गदर्शन में युवा खिलाड़ियों से भरी भारतीय टीम शानदार लय में है और उनके प्रदर्शन में काफी सुधार देखने को मिला है। हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच ने पेनाल्टी कॉर्नर को भुना पाने की उसकी पुरानी कमी फिर से उजागर कर दी। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम पेनाल्टी कार्नर पर एक भी गोल नहीं कर सकी थी।

आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को अपनी रक्षापंक्ति में और सुधार लाना होगा, क्योंकि आस्ट्रेलियाई टीम काउंटर अटैक के लिहाज से बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसलिए आस्ट्रेलियाई काउंटर अटैक को नाकाम करने के लिए भारतीय टीम को न सिर्फ मजबूत रक्षापंक्ति के साथ उतरना होगा, बल्कि मध्यपंक्ति में कप्तान सरदार को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा।

सरदार को जहां पिछली रक्षापंक्ति के आगे कवच का काम करना होगा, वहीं फॉरवर्ड लाइन के लिए गेंद छीनकर उन्हें आक्रमण के लिए सटीक पास देने होंगे। आक्रमण करते हुए भी भारतीय टीम को बेहद तेजी दिखानी होगी और फील्ड के किसी एक किनारे से आक्रमण करना बेहतर रहेगा।

डिफेंडर बिरेंद्र लाकड़ा और जसजीत सिंह को जहां आस्ट्रेलियाई स्ट्राइकरों के गोल पर बचाव की जिम्मेदारी उठानी होगी, वहीं मनप्रीत और गुरबाज सिंह को अधिकांश समय रक्षापंक्ति और फॉरवर्ड पंक्ति के मदद के लिए तैयार रहना होगा।

पिछले दोनों मैचों में गोल करने वाले तथा बेहतरीन गति में दिख रहे वाल्मिकी बंधुओं (युवराज और देवेंद्र) के पास दुनिया की सर्वोच्च टीम के खिलाफ गोल करने का मौका होगा, जबकि रमनदीप से भी भारत को गोल की उम्मीद रहेगी।

अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रहे भारत के धुरंधर गोलकीपर पी. आर. श्रीजेश पर जिम्मेदारी कई गुना होगी। हाल के दिनों में आस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत का अनुभव श्रीजेश के काफी काम आएगा। भारतीय टीम को रक्षापंक्ति में एकजुटता और आक्रमण में रणनीति अपनानी होगी। भारतीय टीम की जीत मौके बनाने की कला और उन्हें भुनाने की योग्यता पर निर्भर करेगी।

भारत के लिए हालांकि आस्ट्रेलिया को हराना आसान नहीं होगा। उसे हमेशा इस टीम को हराने में मुश्किल हुई है। हाल के दिनों में आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत का प्रदर्शन सराहनीय रहा है लेकिन यह भी नहीं भूलना होगा कि अजलान शाह, चैम्पियंस ट्रॉफी और टेस्ट सीरीज में आस्ट्रेलिया ने दोयम दर्जे की टीम उतारी थी।

(लेखक भारतीय हॉकी टीम के पूर्व डिफेंडर हैं। उनसे डीएमएएचएडीआईके एैटदरेट हॉटमेल डॉट कॉम पर सम्पर्क किया जा सकता है)

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