गुप्ता के मुताबिक, कल्याण बोर्ड चीटी से लेकर हाथी तक के संरक्षण के लिए काम कर रहा है। इसमें जल-थल आकाश के सभी प्राणी सम्मिलित हैं। इनका संरक्षण जलवायु एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
सड़क पर गोधन एवं कुत्तों को खुले में छोड़ना भी अपराध की श्रेणी में आता है। गुप्ता, कल्याण बोर्ड को प्रभावी बनाने के लिए सभी राज्यों का दौरा कर रहे हैं। मुलाकात का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय के गोचर जमीनों एवं पशु संरक्षण के लिए जारी दिशा निर्देशों को लागू कराना भी है।
गुप्ता मुख्यमंत्री के समक्ष एक कार्य योजना भी प्रस्तुत करेंगे, जिससे जीव जन्तु कल्याण बोर्ड, जिलों की जीव जंतु कल्याण समिति एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
dharmpath.com dharmpath