नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। आर्ट ऑफ लिविंग(एओएल) संस्था अगर पांच करोड़ रुपये का अग्रिम जुर्माना अदा नहीं करती है, तो राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) उसकी ओर से यहां आयोजित कराए जाने वाले विश्व सांस्कृतिक महोत्सव पर रोक लगा सकता है।
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर यहां यमुना बाढ़ क्षेत्र में 11 मार्च से तीन दिवसीय विश्व सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन करा रहे हैं। एनजीटी ने इसे प्रकृति से खिलवाड़ करार दिया है और संस्था पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। आध्यात्मिक गुरु ने हालांकि जुर्माना अदा करने से इनकार कर दिया है।
याचिकाकर्ता मनोज मिश्रा के अधिवक्ता ऋत्विक दत्ता ने आईएएनएस को बताया कि रविशंकर के जुर्माना देने से इनकार करने के बाद एनजीटी ने इस मामले में गुरुवार शाम एक सुनवाई रखने का फैसला किया है।
मनोज मिश्रा ने 11 से 13 मार्च तक चलने वाले इस कार्यक्रम के खिलाफ एनजीटी में एक याचिका दाखिल की है।
दत्ता ने कहा, “उन्होंने (संस्था) अगर जुर्माना राशि जमा नहीं की, तो एनजीटी कल (बुधवार) दिए अपने आदेश को लागू करवाने के लिए कार्यक्रम के आयोजन पर रोक भी लगा सकता है।”
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