कोलकाता, 23 जुलाई (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराई गईं भारतीय सहायताकर्मी जूडिथ डिसूजा के परिवार को ताक झांक करती आंखों के बीच पुनर्मिलन का इंतजार है।
मध्य कोलकाता में स्थित डिसूजा के घर में शनिवार सुबह खुशियां छा गईं, जब उन्हें डिसूजा के स्वदेश लौटने की खबर मिली।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि जूडिथ शनिवार शाम को नई दिल्ली पहुंचेंगी।
जूडिथ के भाई जेरोम ने आईएएनएस को बताया, “यह एक पेशेवराना खतरा है। यह किसी के साथ भी हो सकता था। जूडिथ एक पूर्ण पेशेवर हैं। हम बहुप्रतिक्षित पुनर्मिलन का इंतजार कर रहे हैं।”
जेरोम ने भारत सरकार के प्रति बेहद आभार प्रकट करते हुए, निजता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “यह एक पारिवारिक मुद्दा है और हम मीडिया से दूर रहना चाहते हैं।”
जूडिथ की बहन ने भी यही कहा क्योंकि उनके घर के बाहर संवाददाताओं की कतारें लगी थीं।
जूडिथ की बहन एग्नेस डिसूजा ने संवाददाताओं से कहा, “मैं अपनी बहन को रिहा कराने के लिए भारतीय सरकार की शुक्रगुजार हूं। हम (सुषमा) स्वराज के भी आभारी हैं। हम मीडिया से हमारी निजता बनाए रखने का आग्रह करते हैं।”
जूडिथ के परिजनों के साथ ही उनके पड़ोसियों में भी खुशी की लहर दिखाई दी।
कोलकोता निवासी जूडिथ (40)आगा खान नेटवर्क के लिए काम करती हैं। नौ जून को काबुल के कला-ए-फतुल्ला इलाके में कुछ बंदूकधारियों ने उन्हें तब अगवा कर लिया था जब वह एक दोस्त के घर में रात्रिभोज में शामिल होने के बाद अपने घर वापस लौट रही थीं।
सुषमा ने पूरे प्रकरण में ‘असाधारण भूमिका’ के लिए अफगानिस्तान में भारत के राजदूत मनप्रीत वोहरा की प्रशंसा करते हुए कहा, “मैंने जूडिथ से बात की है। वह शाम तक दिल्ली पहुंच रही हैं। राजदूत मनप्रीत वोहरा भी उनके साथ हैं।”
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “अफगानिस्तान का उनकी हरसंभव मदद और जूडिथ को बचाने के लिए धन्यवाद।”
जूडिथ जुलाई 2015 से गैर सरकारी संगठन के साथ वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम कर रही थीं।
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