जेटली ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन, वाजिब कर की वकालत की (लीड-1)

जयपुर, 19 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार निवेश आकर्षित करने की नीति पर चल रही है और इसके लिए सभी नियमों में उदारता लाई गई है तथा सरकार ने वाजिब कर तथा भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा किया है। यह बात गुरुवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कही।

जेटली ने रिसर्जेट राजस्थान पार्टनरशिप समिट-2015 को संबोधित करते हुए कहा, “पिछले कुछ महीने से भारत निवेश आकर्षित करने की नीति पर नए जोश से चल रहा है। जहां तक निवेश की बात है, हमने सभी नियमों को सरल कर दिया है।”

मंत्री ने विकास के लिए निवेश आकृष्ट करने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त शासन, प्राकृतिक संसाधनों का अस्वेच्छाचारी आवंटन और वाजिक कराधान की वकालत की।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के कई कदमों से सरकारी निवेश और विदेशी संस्थागत निवेश में काफी तेजी आई है, जबकि निजी क्षेत्र का निवेश धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

जेटली ने राज्यों से कहा कि वे ‘व्यापार की सुविधा’ सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं, अन्यथा वे दूसरे ऐसे राज्यों से पिछड़ जाएंगे, जो निवेश के लिए सुधार अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य बिजली बोर्डो के भारी-भरकम कर्ज के कारण बैंक दबाव में हैं, जिस कारण वे दूसरे क्षेत्रों को कर्ज नहीं दे पा रहे हैं।

राजस्थान सरकार के श्रम सुधार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “राजस्थान को अब व्यापार की सुविधा में अग्रणी राज्य बनने की कोशिश करना चाहिए, जहां भूमि आसानी से उपलब्ध हो जाती है और आसानी से मंजूरी मिलती है।”

इस बीच राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राज्य को 3.3 लाख करोड़ रुपये निवेश का वादा मिला है, जिससे 2.5 लाख नौकरी पैदा हो सकती है।

रिसर्जेट राजस्थान पार्टनरशिप समिट-2015 को यहां संबोधित करते हुए राजे ने कहा, “3.3 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ 295 सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इससे 2.5 लाख नौकरी पैदा हो सकती है।”

राजे ने कहा कि सरकार निवेश जुटाने के लिए सौर ऊर्जा, सड़क और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों पर प्रमुखता से ध्यान देगी।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विमानन कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से राजस्थान में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “इसका लाभ उठाने वाला राजस्थान पहला राज्य होगा।”

उन्होंने कहा कि राजस्थान के विकास का मॉडल सामाजिक न्याय, प्रभावी प्रशासन और रोजगार सृजन के तीन स्तंभ पर टिका है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने कहा कि राजस्थान में 6,000 मेगावाट की सौर परियोजना के लिए 60 हजार करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है।

उन्होंने कहा कि रिलायंस समूह ने काफी पहले ही नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार, सड़क, वित्तीय सेवा और मनोरंजन क्षेत्र में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश कर लंबी अवधि के निवेशक और साझेदार होने का परिचय दिया है।

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