रांची, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड सरकार ने गुरुवार को बहुप्रतीक्षित अधिवास नीति का ऐलान किया, जिसके तहत झारखंड में पिछले 30 सालों से रहनेवाला कोई भी व्यक्ति स्थायी निवासी माना जाएगा।
प्रदेश कैबिनेट ने गुरुवार को अधिवास नीति को मंजूरी दी।
नई अधिवास नीति के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति जो झारखंड में 30 साल से है उसे झारखंडी माना जाएगा। प्रदेश के लोग लंबे समय से इस नीति की मांग कर रहे थे।
साल 2001 में जब भारतीय जनता पार्टी की बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में सरकार बनी थी तो अधिवास की कटऑफ तारीख 1932 निर्धारित की गई थी, जिसके बाद इसके विरोध और पक्ष में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरु हो गए थे। इसके बाद झारखंड उच्च न्यायालय ने इस नीति को खारिज कर दिया था।
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