रांची, 17 मई (आईएएनएस)। नक्सली कमांडर कुंदन पाहन के ‘समर्पण’ की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग को लेकर रविवार से भूख हड़ताल पर बैठे ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (एजेएसयू) के विधायक ने राज्य सरकार द्वारा मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद अनशन समाप्त कर दिया है।
झारखंड के गृह सचिव एस.के.जी. रहाटे और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के. मलिक बुधवार दोपहर मोराबादी मैदान पहुंचे और विधायक विकास मुंडा से बातचीत की।
रहाटे और मलिक दोनों मुख्यमंत्री रघुबर दास के प्रतिनिधि के तौर पर मुंडा से मिलने गए थे।
मुंडा कुंदन पाहन के समर्पण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर रविवार को भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने साथ ही पाहन को फांसी पर लटकाने की मांग भी की।
एजेएसयू विधायक ने कहा कि पाहन ने कई परिवारों के लोगों की हत्या की है और उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है।
उन्होंने साथ ही अपने पिता और पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग भी की, जिसमें पाहन भी आरोपी है।
पाहन ने रविवार को झारखंड पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया था। उसके सिर पर 15 लाख रुपये का इनाम था।
पाहन के खिलाफ राज्य में 128 मामले चल रहे हैं। वह पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या, विशेष शाखा के पुलिस इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदुवर का सिर कलम करने और आईसीआईसीआई से पांच करोड़ रुपये लूटने का भी आरोपी है। उसने पुलिसकर्मियों सहित 70 से भी अधिक लोगों की हत्या की है।
झारखंड उच्च न्यायालय ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से इसे लेकर लिखित जवाब देने को कहा है।
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