झारखंड : हिरासत में दूसरी मौत, पुलिस सवालों के घेरे में

रांची, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। जामतारा जिले के रहने वाले 22 वर्षीय मिन्हाज अंसारी की पुलिस हिरासत में रांची के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। राज्य में पुलिस हिरासत में तीन महीने में यह दूसरी मौत है।

अंसारी को तीन अक्टूबर को व्हाट्सएप पर गोमांस को लेकर ‘आपत्तिजनक संदेश’ प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

अंसारी के परिवार वालों के अनुसार उन्हें बताया गया है कि हिरासत में लेने के दो दिन के बाद ही उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। बाद में उसे रांची स्थित राजेंद्र चिकित्सा संस्थान (रिम्स) में भर्ती करवाया गया, जहां नौ अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।

दुर्गा पूजा उत्सव को देखते हुए अंसारी की मौत की सूचना को कई दिनों तक छिपाए रखा गया। लेकिन जैसे ही सूचना बाहर आई नारायणपुरा पुलिस थाने के थाना प्रभारी हरीश पाठक को निलंबित कर दिया गया। हरीश के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया गया है और पीड़ित के परिवार वालों को मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपये प्रदान किया गया है।

झारखंड में बीते तीन महीनों में कथित तौर पर हिरासत में हुई मौत का यह दूसरा मामला है।

इसी वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में जनजातीय संप्रदाय से आने वाले एक युवक रूपेश स्वांसी को कथित तौर पर नक्सलवादियों से संबंध होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रूपेश की मौत भी रांची के रिम्स में ही उपचार के दौरान हुई। रूपेश की मौत के पीछे पुलिस प्रताड़ना की बात सामने आई थी।

रूपेश के परिवार वालों द्वारा पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाए जाने के बाद राहे और दशम पुलिस थानों के थाना प्रभारियों अशोक प्रसाद और पंकज कुमार को निलंबित कर दिया गया।

झारखंड उच्च न्यायालय ने मामले का स्वसंज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को पीड़ित के परिवार वालों को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

ऐसा नहीं है कि इस बीच राज्य में पुलिस प्रताड़ना के यही दो मामले रहे हैं। ऐसे कई मामले हैं जिनकी जांच चल रही है और जिनमें अभी साबित किया जाना बाकी है कि पीड़ितों की मौत पुलिस हिरासत के दौरान दी गई प्रताड़ना के कारण हुई।

14 जून को लातेहार जिले की एक किशोरी की पुलिस हिरासत के दौरान दी गई यातना के कारण मानसिक स्थिति बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए रांची अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां वह 72 घंटों तक अचेतावस्था में रही।

इसी दिन धनबाद में पुलिस ने एक ट्रक चालक को मार दी। घायल ट्रक चालक को नाजुक हालत में पश्चिम बंगाल ले जाया गया, जहां उसका उपचार चला।

उल्लेखनीय है कि राज्य के पुलिस महानिदेशक डी. के. पांडे ने सख्त निर्देश दिया हुआ है कि पुलिस नियम कायदों का पालन करे, लेकिन लगातार इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के महासचिव किशोर सहदेव ने आईएएनएस से कहा, “मुख्यमंत्री राजनीतिक हित साधने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी ऐसा देखने को मिला, जब एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस कार्यवाही के नाम पर आम जनता को प्रताड़ित किया जा रहा है और राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।”

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