नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को सिख दंगा मामले में आरोपी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया।
अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी शिवली शर्मा ने सीबीआई की याचिका पर फैसला सुनाने की तारीख नौ मई तय की है।
1984 में हुए सिख दंगों के आरोपी टाइटलर ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से इनकार किया है।
टाइटलर के वकील ने अदालत से कहा कि सीबीआई ने उनके मुवक्किल का लाई डिटेक्टर टेस्ट किए जाने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं दिया है।
मामले में गवाह वर्मा ने आरोप लगाया था कि टाइटलर एक अन्य गवाह सुरेंद्र सिंह को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। वर्मा के अनुसार, टाइटलर ने सुरेंद्र सिंह को रुपया देने और उसके बेटे को कनाडा भेजने का लालच दिया है। वर्मा के आरोप पर सीबीआई ने यह याचिका दायर की।
वर्मा ने अदालत से कहा कि अगर उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए तो वह लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने को तैयार हैं, क्योंकि उन्हें अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की जान का खतरा है।
सीबीआई इससे पहले मामले में टाइटलर को क्लीन चिट दे चुकी है, लेकिन वर्मा के आरोपों के बाद चार दिसंबर, 2015 को आए अदालत के आदेश पर मामले को दोबारा शुरू किया गया।
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