मुंबई, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। टाटा स्टील की ब्रिटेन कारोबार को बेचने की घोषणा के बीच दुनियाभर में संजीव गुप्ता का नाम सुर्खियों में आ गया है। संजीव गुप्ता ब्रिटेन की कंपनी लिबर्टी हाउस के संस्थापक हैं।
बुधवार को टाटा संस के अध्यक्ष साइरस मिस्त्री से मिलने के लिए मंगलवार को भारत पहुंचे ब्रिटेन के व्यापार मंत्री साजिद जाविद ने मंगलवार को लंदन में गुप्ता से मुलाकात की थी। गुप्ता ने टाटा स्टील यूके में दिलचस्पी दिखाई है।
जाविद से मुलाकात के बाद जारी एक बयान में गुप्ता के हवाले से कहा गया है, “हमारी आज की मुलाकात सकारात्मक रही। ब्रिटेन की सरकार का रवैया काफी सहयोगपूर्ण लग रहा है और वह लंबी अवधि का समाधान खोजने के लिए प्रयास कर रही है।”
उन्होंने कहा, “अब अगला कदम टाटा (समूह) बिक्री की औपचारिक प्रक्रिया निर्धारित कर उठाएगी और संभावित खरीदारों से अभिरुचि आमंत्रित करेगी। हमें आगे के विवरणों का इंतजार है। उसके बाद हम अपने अगले कदम पर विचार करेंगे।”
लिबर्टी समूह की सालाना आय करीब पांच अरब डॉलर है। यह इस्पात, कच्चा माल और गैर लौह धातु क्षेत्र में काम करती है। उसके कर्मचारियों की संख्या 2,000 से अधिक है। समूह सालाना करीब 50 लाख टन इस्पात और इस्पात उत्पादों का उत्पादन करता है।
गुप्ता का अधिग्रहण से पुराना नाता है। 10 दिन पहले टाटा स्टील यूके ने कहा था कि उसने स्कॉटलैंड के अपने क्लाइडब्रिज और डलजेल इस्पात संयंत्रों को बेचने के लिए एक समझौता किया है। समझौते के मुताबिक दोनों संयंत्र पहले स्कॉटलैंड की सरकार को बेचे जाने हैं, जो बाद में इन संयंत्रों को लिबर्टी हाउस को बेच देगी।
इसके पहले भी गुप्ता के समूह ने कई और अधिग्रहण पूरे किए हैं।
लिबर्टी समूह की वेबसाइट के मुताबिक, समूह मुख्य रूप से लंदन, दुबई, सिंगापुर और हांगकांग के कार्यालयों से अपनी कारोबारी गतिविधियों का संचालन करता है। पूरी दुनिया में इसके 30 और कार्यालय हैं।
44 वर्षीय गुप्ता, जिन्हें उनके सहयोगी ‘एसकेजी’ कहकर पुकारते हैं, का संबंध पंजाब के एक कारोबारी परिवार से है। वह 12 साल की उम्र में सेंट एडमंड कॉलेज, कैंटबरी में पढ़ने के लिए ब्रिटेन चले गए थे।
गुप्ता ने 1995 में कैंब्रीज से स्नातक किया। उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज से परास्नातक किया। उसके बाद से वह एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप और अफ्रीका में कारोबार कर रहे हैं।
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