विशाखापत्तनम, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान टीयू-142एम शनिवार को यहां पहुंच गया। इस विमान को संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा। इस विमान को 29 वर्षो की सेवा के बाद सेवामुक्त कर दिया गया है।
विशाखापत्तनम, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान टीयू-142एम शनिवार को यहां पहुंच गया। इस विमान को संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा। इस विमान को 29 वर्षो की सेवा के बाद सेवामुक्त कर दिया गया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आईएनएस डेगा पर इस विमान की अगवानी की। अंतिम बार जब यह विमान यहां उतरा तो नायडू ने चालक दल के पांच सदस्यों को फूलों के गुलदस्ते भेंट किए।
फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (पूर्वी नौसेना कमान) वाइस एडमिरल एचसीएस बिष्ट और अन्य अधिकारियों ने समारोह में हिस्सा लिया।
इसके पहले विमान ने तमिलनाडु के अरक्कोनम स्थित नौसेना अड्डा, आईएनएस रजाली से उड़ान भरी।
टीयू-142एम विमान दुनिया में सबसे भारी, तेज और सबसे ऊंचाई पर उड़ने वाला टर्बो प्रॉप है, जिसने लगभग तीन दशकों तक भारतीय नौसेना की टोही और पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू) अभियानों में अपनी सेवाएं दी है।
अधिकारी यहां बीच रोड पर इस विमान को एक संग्रहालय में तब्दील करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। यह बीच रोड पर एक एकड़ भूमि में जून तक तैयार हो सकता है। इस पूरी परियोजना पर 10 करोड़ रुपये लागत आने की संभावना है।
अधिकारियों ने कहा कि विमान को संग्रहालय में तब्दील करने के लिए पांच कंपनियों की ओर से भरी गई निविदा का तकनीकी मूल्यांकन पूरा हो गया है और वित्तीय निविदा जल्द ही खोली जाएगी।
विमान को आईएनएस डेगा पर तोड़ा जाएगा और उसे एसेंबलिंग और संग्रहालय में तब्दील करने के लिए निर्धारित स्थान पर भेजा जाएगा। जिला प्रशासन ने विमान को तोड़ने और उसे संग्रहालय स्थल तक पहुंचाने के लिए निविदा को अंतिम रूप दे दिया है।
dharmpath.com dharmpath