टीवी पर वापसी के लिए अच्छे किरदार की दरकार : हुसैन कुवाजरवाला (साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। टेलीविजन के प्रसिद्ध धारावाहिक ‘क्यूंकि सास भी कभी बहू थी’ और ‘कुमकुम : एक प्यारा सा बंधन’ से घर-घर में पहचाने जाने वाले हुसैन कुवारजरवाला छोटे पर्दे पर बड़ा कमाल करने के लिए तैयार हैं, उन्हें बस अच्छे किरदार की दरकार है।

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। टेलीविजन के प्रसिद्ध धारावाहिक ‘क्यूंकि सास भी कभी बहू थी’ और ‘कुमकुम : एक प्यारा सा बंधन’ से घर-घर में पहचाने जाने वाले हुसैन कुवारजरवाला छोटे पर्दे पर बड़ा कमाल करने के लिए तैयार हैं, उन्हें बस अच्छे किरदार की दरकार है।

हुसैन को धारावाहिक कुमकुम के सुमित के किरदार से जाना जाता है। वह आज भी लोगों के बीच सुमित के नाम से प्रसिद्ध हैं।

एक कार्यक्रम के लिए दिल्ली पहुंचे हुसैन से आईएएनएस ने जब धारावाहिकों में उनकी वापसी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “मैं बताना चाहता हूं कि मेरी भी छोटे पर्दे पर वापसी करने की ख्वाहिश है, जैसा लोग चाहते हैं वैसा मैं भी चाहता हूं। अभी हालांकि ऐसा कोई विचार नहीं है लेकिन अगर कोई अच्छा किरदार मिलता है तो उसे मैं जरूर करना चाहूंगा। मैं उम्मीद करता हूं कि जल्द ही अपने प्रशंसकों को कुछ खास करते हुए नजर आऊंगा।”

हुसैन ने अपने अभिनय करियर में कई धारावाहिक, फिल्में और कार्यक्रमों का संचालन किया है लेकिन धारावाहिक ‘कुमकम’ के सुमित का किरदार लोगों के जेहन से अभी भी धूमिल नहीं हुआ है।

वह कहते हैं, “मैं इसके लिए आप लोगों का धन्यवाद देना चाहता हूं। यह बात सही है कि मुझे कुमकम से काफी पहचान मिली और मैं घर-घर में पहचाना जाने लगा। इसके साथ ही एक बात यह भी है कि मैं लगातार काम करता रहा हूं। ‘क्यूंकि साल भी कभी बहू थी’ और ‘कुमकुम..’ के अलावा के साथ ही मैंने ‘शाबाश इंडिया’ और ‘इंडियन आइडल’ के कई संस्करणों की मेजबानी की। इसके साथ मैंने ‘नच बलिये’ और ‘खतरों के खिलाड़ी’ कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया। मैंने लगातार काम किया और मुझे लगातार अपने प्रशंसकों का प्यार मिला है।”

हुसैन को 2007 में इंडियन टेली अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ स्टाइल आइकॉन का पुरस्कार मिला था। हुसैन ने कार्यक्रम के दौरान रैंप वॉक कर भी खूब तालियां बटोरीं।

हुसैन से जब उनके स्टाइल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मेरे स्टाइल का ध्यान मेरी पत्नी ही रखती हैं। मैंने यह सब उस पर छोड़ रखा है। मेरे कपड़ों से लेकर अन्य सब चीजों पर वही निर्णय लेती है और मुझे लगता है कि उसे इस बारे में मुझसे अधिक जानकारी है। मैं केवल काम पर ध्यान देता हूं इन सब चीजों को वही संभालती है।”

उन्होंने कहा, “मैं कहना चाहता हूं कि मेरी पत्नी की वजह से ही मेरे ऊपर अपनी स्टाइलिंग की देखरेख का बोझ नहीं पड़ता। मैं जो भी परिधान पहनता हूं उसे वही डिजाइन करती है, इसलिए इस मामले में मैं काफी निश्चिंत रहता हूं।”

हुसैन हाल ही में राजधानी में कैंसर जागरूकता पर आयोजित एक कार्यक्रम में नजर आए थे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बारे में हुसैन ने कहा, “इस मुद्दे से समाज में हर कोई वाकिफ है, लेकिन इसके बारे में जानकारी और जागरूकता का अभाव है। इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन एक अच्छी पहल है। मुझे भी यहां आकर बहुत सारी जानकारी मिली। इस कार्यक्रम को जिस लक्ष्य के लिए आयोजित किया गया, वह बहुत जरूरी है और समाज में इस तरह के कार्यक्रमों के द्वारा इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाई जा सकती है।”

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