कोलकाता, 4 अगस्त (आईएएनएस)। रवींद्र नाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार के पदकों की चोरी को शर्मनाक बताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह एक अवसर देना चाहती हैं जिससे चोरी किए गए पदकों को वापस प्राप्त किया जा सके।
कोलकाता, 4 अगस्त (आईएएनएस)। रवींद्र नाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार के पदकों की चोरी को शर्मनाक बताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह एक अवसर देना चाहती हैं जिससे चोरी किए गए पदकों को वापस प्राप्त किया जा सके।
बनर्जी ने कहा, “सीबीआई मामले की जांच कर चुकी थी, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। यदि वे नहीं कर सकते तब मैं ऐसा करूंगी। हमने जो भी सीखा है, हमने जो भी किया है यह सब उनकी वजह से है। यह शर्मनाक है कि इतने सालों के बाद भी पदक चोरी करने वाला पकड़ से बाहर है।”
मुख्यमंत्री बीरभूम जिले के शांति निकेतन के टैगोर के स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय के एक समारोह में बोल रही थीं।
बनर्जी ने गुरुवार को बीरभूम में प्रशासनिक बैठक में जिले के आलाधिकारियों के साथ बैठक कर रही थी।
उन्होंने विश्वभारती विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों से कई विकास परियोजनाओं के बारे में बातचीत की।
भोलपुर के शांति निकेतन के रवींद्र भवन से 25 मार्च, 2004 को पदकों और 47 यादगार चीजों का मामला प्रकाश में आया था।
इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। बिना की नतीजे के तीन साल बाद अगस्त 2007 में मामले को बंद कर दिया गया। इसके बाद सितंबर 2008 में मामले को फिर खोला गया।
मामले में बहुत ज्यादा प्रगति नहीं होने के कारण साल 2010 में एजेंसी ने जांच को बंद कर दिया।
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