नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। जिंदल ग्लोबल यूनिविर्सिटी ने ट्रांसजेंडरों के अधिकारों पर एक हैंडबुक का विमोचन किया है।
‘राइट्स ऑफ ट्रांसजेंडर एंड नॉन-कंफर्मिग पीपुल इन इंडिया’ का अनावरण यहां जेजीयू के संस्थापक कुलपति प्रोफेसर सी. राजकुमार ने 7वें वार्षिक हिजड़ा हब्बा कार्यक्रम से इतर किया। इस एकदिवसीय आयोजन में ट्रांसजेंडरों के अधिकारों पर कानूनी प्रावधानों का प्रशिक्षण दिया गया।
इस हैंडबुक को जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (जेजीएलएस) की एसोसिएट प्रोफेसर व कार्यकारी निदेशक दीपिका जैन द्वारा सिविल सोसाइटी नेटवर्क, गैर-सरकारी संगठनों, अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों, इंडिया एचआईवी/एड्स अलायंस, कई शोध समूहों और अंतर्राष्ट्रीय न्याय आयोग (आईसीजे) के सहयोग से तैयार किया गया।
हैंडबुक को चार अध्यायों में संवैधानिक कानून, आपराधिक कानून, सरकारी पहचान प्राप्त करना और सूचना का अधिकार में विभाजित किया गया है।
जैन ने एक बयान में कहा, “यह हैंडबुक ट्रांसजेंडर और जेंडर नॉन-कंफर्मिग लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले संवैधानिक व आपराधिक कानून को आसान तरीके से बताती है।”
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