ठाणे, 1 जुलाई (आईएएनएस)। ठाणे पुलिस ने 28 जून को की गई 9.16 करोड़ रुपये की डकैती का मामला सुलझा लिया है और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर 3.12 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं।
पुलिस महानिदेशक प्रवीण दीक्षित और ठाणे के पुलिस आयुक्त परमवीर सिह ने शुक्रवार को कहा कि किसी कर्मचारी ने ही ‘भीतरघात’ किया था और एक पूर्व कर्मचारी इसमें शामिल था, जिसने डकैती की दो महीने लंबी योजना बनाई थी और मंगलवार को इसे अंजाम दिया।
गिरफ्तार छह लोगों में चार ने वड़ोदरा की कैश मैनेजमेंट कंपनी चेकमेट सर्विसिस प्रा. लि. में डकैती की घटना को अंजाम दिया था।
दीक्षित ने अपने अधिकारियों और जांचकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा, “ठाणे पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह और पुलिस ने इस मामले को दो दिन में सुलझा कर बेहतरीन काम किया है।”
सिंह ने विस्तार से बताया कि एक संदिग्ध को दो दिन पहले हिरासत में लिया गया था। इनमें एक कर्मचारी अमोल काले भी शामिल है, जिसे पूर्व कर्मचारी आकाश चौहान उर्फ चिंदया ने पिछले साल फरवरी में कंपनी छोड़ने के वक्त उसकी सिफारिश की थी।
सिंह ने कहा, “इस लूट की समूची योजना इस गुट के सरगना उमेश बाग ने चौहान के साथ मिलकर पिछले तीन महीनों में बनाई थी।”
उन्होंने आगे कहा, “ये सभी लुटेरे नाशिक से जुड़े हैं, यहां तक कि उन्होंने लूट के दौरान जिस वाहन का इस्तेमाल किया, वह भी नाशिक का ही है। पुलिस ने उस वाहन को भी बरामद कर लिया।”
सिंह ने कहा, “लूट की घटना को अंजाम देने के बाद वे ठाणे से बाहर एक जगह पर मिले और आपस में लूट की रकम का बंटवारा किया। इसके बाद वे अपने-अपने गृहनगर चले गए। हमारी टीम बाकी लुटेरों की तलाश कर रही है और हम जल्द ही उन्हें ढूंढ़ लेंगे।”
सिंह ने बताया, “पुलिस को यह जानकारी नहीं थी कि यहां कंपनी इतने बड़े पैमाने पर नगद रकम को लाने ले जाने का काम कर रही है। नहीं तो हम सुरक्षा इंतजाम करते। कंपनी की तरफ से सुरक्षा के नाकाफी इंतजाम थे। कहा जा सकता है कि शून्य सुरक्षा थी। हम अब अन्य कैश मैनेजमेंट कंपनियों और बैंकों को भी सूचित कर रहे हैं कि अगर वे बड़े पैमाने पर नकदी रकम लाने-ले जाने का काम कर रहे हैं तो हमें सूचना दें, ताकि हम उन्हें सुरक्षा मुहैया करा सकें।”
इस कंपनी का मुख्यालय वड़ोदरा, गुजरात में है और इसकी 24 राज्यों में शाखाएं हैं। यह बैंक, कॉरपोरेट, वित्तीय संस्थानों आदि को कैश मैनेजमेंट सेवा मुहैया कराती है।
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