नई दिल्ली, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)। पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद कीर्ति आजाद ने रविवार को कहा कि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं व्याप्त हैं और इनकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जानी चाहिए।
आजाद ने आरोप लगाया कि डीडीसीए ने फर्जी कंपनियों को ठेके दिए, करोड़ों रुपया इन्हें नकद दे दिया और लेखा परीक्षण (ऑडिट) में हेरफेर कर दी।
यहां संवाददाता सम्मेलन में आजाद ने विकिलीक्स4इंडिया का बनाया एक वीडियो दिखाया। इसमें दिखाया गया है कि डीडीसीए ने कई कंपनियों को काम का ठेका दिया लेकिन इन सभी का पता फर्जी निकला।
इसमें यह भी कहा गया है कि डीडीसीए ने बहुत अधिक कीमत देकर दफ्तर और उपकरण हासिल किए। एक लैपटाप के लिए एक दिन में 16000 और प्रिंटर के लिए 3000 रुपये दिए गए।
आजाद ने कहा, “मैं सिर्फ भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करना चाहता हूं। इसके बारे में विस्तार से जानकारी बाद में दी जाएगी। मैं दोहरा रहा हूं कि यह निजी नहीं है, किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ है।”
1983 की क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम के सदस्य आजाद ने डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस आरोप को गलत बताया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे और उनके साथ मिलकर उन्होंने जेटली पर निशाना लगाने की योजना बनाई थी।
आजाद ने कहा, “अगर कोई इस तरह के आरोप लगा रहा है तो उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि तीन उंगलियां उसकी तरफ हैं।”
जेटली 13 साल तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे। उनका कार्यकाल 2013 में खत्म हुआ था। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार हुआ है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि डीडीसीए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जेटली या तो वित्त मंत्री पद से इस्तीफा दें या उन्हें पदमुक्त किया जाए।
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