चेन्नई, 1 जुलाई (आईएएनएस)। राजनीतिक दलों के नेताओं ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) से तमिलनाडु के तंजावुर जिले में अपना संचालन बंद करने को कहा है।
तंजावुर में तेल पाइपलाइन के फटने से तेल फैल गया था, जिसके विरोध में लोगों के प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई हुई थी।
पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने शनिवार को बयान जारी कर ओएनजीसी से काडिरमंगलम गांव में संचालन बंद करने और पुलिस की तैनाती हटाने की मांग की।
रामदास ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वह गांव में कैंप और प्रदर्शन करेंगे।
चेन्नई से लगभग 350 किलोमीटर दूर तंजावुर को ‘तमिलनाडु का चावल का कटोरा’ भी कहा जाता है।
रामदास के मुताबिक, अन्य देशों में बिना आबादी वाले क्षेत्रों में पाइपलाइनें बिछाई जाती हैं, लेकिन ओएनजीसी ने घनी आबादी वाले क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई है, जो असुरक्षित है।
रामदास ने कहा, “ऐसा लगता है मानो लोग ज्वालामुखी पर बैठे हैं।”
रामदास ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की।
एमडीएमके के महासचिव वाइको ने तमिलनाडु सरकार से मांग की कि वह घोषणा करें कि राज्य में शेल गैस, मिथेन और अन्य हाइड्रो कार्बन गैस की खोज को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
ओएनजीसी ने 2002 में तंजावुर में संचालन शुरू किया था।
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